Friday, May 15, 2026
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बीकानेर के बहुचर्चित मनीषा ब्लाईंड मर्डर केस का खुलासा, आरोपी अरेस्‍ट, एक महिला भी हिरासत में

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बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर के बहुचर्चित मनीषा ब्लाईंड मर्डर केस का खुलासा हो गया है। आपको बता दें कि मुक्ताप्रसाद थाना क्षेत्र में घर में घुस कर महिला मनीषा जाट की हत्या कर शव जला दिया गया। इस जघन्य हत्याकाण्ड के आरोपी व्‍यक्ति गोपाल कुम्‍हार उम्र 41 साल निवासी वॉर्ड नम्बर 20 नयाबास गौशाला के पास बीदासर चुरू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हत्याकाण्ड में पुलिस द्वारा गहन अनुसंधान कर एक महिला सुमन जाट पत्नी मुनीराम जाट निवासी झाड़ेली हाल जेबी कॉलोनी बीकानेर को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक कावेन्‍द्र सिंह सागर ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी गोपाल कुम्‍हार द्वारा अपने अवैध संबंधों के खुलासे के भय से षडयंत्रपूर्वक महिला की निर्मम हत्या की गई तथा हत्या के साक्ष्य नष्ट करने के लिए महिला के शव को जला दिया गया। आरोपी उक्त हत्याकाण्ड के अगले दिन धरना स्थल पर भी पहुंचा था। दस्तयाब महिला भी मृतका के संस्कार कार्यक्रमों में भी शामिल रही। आरोपी द्वारा हत्या करने से पूर्व कई वेब सीरिज व क्राइम ऐपीसोड देखे गये।

इस प्रकरण की गंभीरता को देखते प्रकरण का तत्काल खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक कावेन्द्रसिंह सागर ने एसआईटी का किया था गठन उक्त प्रकरण के खुलासे के लिये अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने मामले का पर्दाफाश करते हुए गिरफ्तार आरोपी से गहनता से अनुसंधान किया जा रहा है।

घटनाक्रम के अनुसार, 07.03.2025 को परिवादी मांगीलाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि आज वक्त 12.30 पीएम पर घर पहुंचा तो देखा कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा मेरे घर में प्रवेश करके मेरी पत्नी मनीषा की लाश अध जली हालात में मिली पीछे का दरवाजा खुला था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरे घर में घुस कर मेरी पत्नी की हत्या कर उस पर जला दिया।

टीम का कार्य व भूमिका

पुलिस थाना मुक्ताप्रसाद नगर में महिला की निर्मम हत्या कर उसकी लाश को जलाने की अपराध की गंभीरता के मध्यनजर श्री ओमप्रकाश पासवान आईपीएस महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज के निर्देशन में कावेन्द्रसिंह सागर आईपीएस जिला पुलिस अधीक्षक बीकानेर व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सौरभ तिवाड़ी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया व मौके पर एफएसएल टीम व श्वान दल को बुलाया गया, मामला महिला की निर्मम हत्या से जुडा हुआ था। बीकानेर पुलिस ने इस प्रकरण को प्राथमिकता से लिया जाकर तुरन्त प्रभाव से अलग-अलग टीमें गठित की गयी।

जघन्य हत्याकाण्ड के पर्दाफाश के लिए सौरभ तिवाडी आरपीएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें श्रवणदास संत आरपीएस वृताधिकारी नगर, सुभाष गोदारा आरपीएस, धीरेन्द्र सिंह पुनि थानाधिकारी एमपी नगर, विक्रम तिवाड़ी उनि थानाधिकारी नयाशहर, जसवीर कुमार उनि थानाधिकारी कोतवाली, रेणुबाला उनि पीएस मुक्ताप्रसाद नगर, दीपक यादव सउनि प्रभारी साईबर सैल के अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। अलग-अलग 05 पुलिस टीमों का गठन किया जाकर कार्य शुरू किया गया। पुलिस की अलग-अलग टीमों के द्वारा मुखबिर तंत्र मजबूत किये व घटनास्थल के आस-पास व बीकानेर से आने जाने रास्ते पर करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक किये गये तथा घटनास्थान से तकनीकी साक्ष्य भी एकत्रित कर कार्य प्रारंभ किया गया।

घटना स्थल के आस-पास डोर-टू-डोर सर्वे कर करीब 300 लोगों से पूछताछ की व पुलिस टीमों द्वारा महिला के शव मिलने वाले घटनास्थल के पास लगातार सात दिनों तक दिन रात उस रूट से आने जाने वाले करीब 500 लोगों से जानकारीयां जुटाई, बीकानेर शहर में रहने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। पूर्व में दर्ज हुये हत्या के प्रकरणों से संबंधित बदमाशों से भी पूछताछ की गई व आसूचना तथा सम्पूर्ण अलग-अलग तकनीकी साक्ष्यों व मोबाईल डाटा विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत व लगन से कार्य करते हुये कड़ी से कड़ी जोड़कर जघन्य हत्याकाण्ड में शामिल आरोपी को चिन्हित कर आरोपी की तलाश कर दस्तयाब कर बाद पूछताछ कर गिरफ्तार किया गया।

आरोपी द्वारा हत्याकाण्ड को अंजाम
देने का कारण व तरीका

आरोपी गोपाल कुम्हार ने दौराने पूछताछ बताया कि उसके मृतका की जेठानी व चचेरी बहिन सुमन के साथ पिछले करीब एक साल से अवैध संबंध थे और उक्त बात का पता को कुछ समय पहले मृतका को पता चलने पर उसने विरोध किया। जिस पर आरोपी गोपाल कुम्हार व उसकी प्रेमिका सुमन ने मृतका अपने रास्ते से हटाने के लिए षडयंत्र रचा गया। आरोपी गोपाल कुम्हार ने हत्या को अंजाम देने के लिए कई वैब सीरिज व क्राईम ऐपीसोड देखे। आरोपी गोपाल कुम्हार को उसकी प्रेमिका द्वारा मृतका के घर की सारी जानकारियां उपलब्ध करवाई, मृतका कब कब घर अकेली रहती है। हत्या करने से दो दिन पूर्व भी आरोपी द्वारा घटनास्थल पर आकर अपनी प्रेमिका के साथ मृतका के घर जाकर रैकी की गई। 07.03. 2025 को आरोपी द्वारा मृतका के घर जाकर उसको विश्वास में लिया। कॉलोनी में कोई काम से आने का बताकर मृतका के घर पर बैठकर चाय पी। मृतका के घरेलू कार्य के दौरान धोखे से उसके सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर गंभीर चोटें कारित कर उसकी हत्या कर दी तथा हत्या के सबूत नष्ट करने के लिए मृतका की लाश पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जला दिया व शातिर रूप से साक्ष्य नष्ट करने के भरसक प्रयास किये। घटना के अगले दिन भी आरोपी मृतका की हत्या को लेकर पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के आगे धरना में शामिल हुआ था।

कार्यवाही करने वाली पुलिस टीमें...

01. आसूचना संकलन टीम :- जसवीर कुमार उनि थानाधिकारी कोतवाली, कैलाश बिश्नोई कानि, संजय कानि, काशीराम कानि।

02. सीसीटीवी फुटेज टीम : विक्रम तिवाड़ी उनि थानाधिकारी नयाशहर, महावीर सिंह हैडकानि, हेतराम हैडकानि, छगनलाल कानि, श्रीराम कानि।

03. डोर-टू-डोर सर्वे टीम : रेणुबाला उनि पीएस मुक्ताप्रसाद नगर, सुरेन्द्र सउनि, बाबुलाल सउनि लाखाराम हैडकानि, हंसराज हैडकानि, हेमसिंह कानि, मनोज कानि, शिवराज कानि।

04. तकनीकी टीम : दीपक यादव सउनि प्रभारी साईबर सैल, दिलीप सिंह सउनि, श्रीराम कानि, श्री सुर्यप्रकाश कानि।

विशेष भूमिका : उक्त हत्याकाण्ड के खुलासे में धीरेन्द्रसिंह पुलिस निरीक्षक, दीपक यादव सउनि, श्रीराम कानि 905 व छगनलाल कानि 1223 का विशेष योगदान रहा।

जिला पुलिस अधीक्षक बीकानेर द्वारा उक्त हत्याकाण्ड का खुलासा करने
वाली टीम को पुरस्कृत किया जायेगा।

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