






जयपुर Abhayindia.com राजस्थान यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शस्त्र पूजन कार्यक्रम के हंगामा करने के मामले में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित नौकार्यकर्ताओं की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप प्रथमदृष्टया गंभीर हैं और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
जयपुर महानगर प्रथम की न्यायिक मजिस्ट्रेट (दक्षिण) न्यायालय ने फैसला सुनाया कि सभी आरोपियों ने मंच पर लगे पोडियम को गिराया, पोस्टर फाड़े और धार्मिक आयोजन में खलल डाला। आरोपियों ने सरकारी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया और राजकार्य में बाधा उत्पन्न की। न्यायालय ने यह भी कहा कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ पर पहले से इसी तरह के छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में उन्हें जमानत देना न्याय के हित में नहीं है।
आरोपियों की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों ने कहा कि पुलिस ने घटना के समय विनोद जाखड़ व अन्य लोगों को गंभीर अपराध घटित होने की आशंका के चलते शांति भंग में गिरफ्तार किया। बाद में गंभीर अपराध करने के आरोप में इन धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि एक ही घटनाक्रम की दो अलग-अलग रिपोर्ट बनाई गई, जो पूरी तरह से विधि विरूद्ध हैं। सभी को गलत तरीके से प्रकरण में झूठा फंसाया गया हैं। उक्त अपराध से इनका कोई सरोकार नहीं है। वहीं आरोपियों के पास से कोई बरामदगी भी नहीं हुई हैं। प्रकरण के निस्तारण में लंबा समय लगेगा, ऐसे में जमानत दी जाए।


