




बीकानेर Abhayindia.com राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय योग एवं प्राणायाय शिविर का समापन संस्था अध्यक्ष वेद प्रकाश चतुर्वेदी एवं उपाध्यक्ष श्रीभगवान अग्रवाल के सानिध्य में हुआ।
राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा समिति के मंत्री बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि केन्द्र परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तारक प्रशिक्षण शिविर में पधारे क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम प्रान्त प्रचारक विजयानन्द सह प्रान्त प्रचारक राजेश विभाग प्रचारक विनायक, महानगर प्रचारक चपेश ने केन्द्र परिसर में पर्यावरण पौषित एवं प्राकृतिक चिकित्सा उपचार के लिए औषधीय पौधारोपण कर प्रकृति को बढावा देने का सन्देश दिया।
उन्होंने बताया कि योग शिविर के दौरान संघ के प्रान्त प्रचार प्रमुख एवं योगाचाय वृद्धन ने केन्द्र की चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वत्सला गुप्ता को मुद्रा चिकित्सा के बारे में जानकारी देकर प्रायोगिक रूप से रोगियों को अभ्यास करवा कर साइटिका, कमर दर्द, घुटनों का दर्द, उदर सम्बन्धी विकार, माइग्रेन आदि व्याधियों के बारे में लाभप्रद जानकारी प्रदान की।
शिविर समापन पर केन्द्र में आर. एस. एस. के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम के प्रथम बार आगमन पर संस्था अध्यक्ष प्रो. वेद प्रकाश चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष श्रीभगवान अग्रवाल, चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वत्सला गुप्ता, मंत्री बनवारी लाल शर्मा कार्यकरिणी सदस्य सम्पत पारीक ने शाल व दुपटा पहनाकर स्वागत अभिनन्दन के साथ संस्था का साहित्य भेंट किया।
स्वागतवार्ता के दौरान क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि वर्तमान समय योग व प्राकृतिक चिकित्सा का है। आधुनिक युग अनुसार केन्द्र के विकास एवं जन-जन में जागृति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक तत्वों से उपचार मिट्टी, जल, उपवास व उचित रहन-सहन तथा खान-पान से स्वास्थ्य सुधार, योगिक क्रियाओं एवं प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा लाभ काम लागत में प्रभावी है, जिसे अपनाकर संस्थान अच्छा कार्य कर रही है उसे और आगे बढाना चाहिए।





