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एफडीआर के पैसे हड़पने का आरोप, रूबी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ मामला दर्ज

बीकानेरAbhayindia.com अच्छे ब्याज का प्रलोभन देकर लोगों से रुपए की ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की ओर से की जा रही इस तरह की धोखाधड़ी के मामले में अब बीकानेर का नाम भी जुड़ गया है।

यहां रानी बाजार स्थित रूबी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ एक मामला कोटगेट पुलिस थाने में दर्ज हुआ है। इसके बाद से ही रूबी उक्त सोसायटी के निवेशकों में हडकंप सा मचा गया है। बीकानेर में संचालित क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की ओर से निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के कई मामले पहले भी सुर्खियों में रह चुके है।

यह है मामला…

वर्तमान में एक निवेशक नवीन उपाध्याय ने इस्तगासा के जरिए रूबी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी पर धोखाधड़ी से रुपए हड़पने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। एफआईआर में पुलिस ने सोसायटी के मुख्य प्रबंधक राहुल देव, ब्रांच मैनेजर किशन सिंह सोंलकी और ऐजेंंट घनश्याम पारीक को नामजद किया है।

पीडि़त नवीन उपाध्याय ने पुलिस को बताया है कि वह अस्थाई डेयरी बूथ पर परचून का व्यवसाय करता है। करीब छह साल पहले ऐजेंट घनश्याम पारीक उसके पास आया और अच्छा ब्याज मिलने का प्रलोभन देकर रूबी क्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में खाते खुलवाने की बात कही। इसके लिए उसे रानी बाजार स्थित सोसायटी की ब्रांच में ले गया और वहां ब्रांच मैनेजर किशन सिंह से मुलाकात कराई और कॉल के जरिए मुख्य प्रबंधक राहुल देव से फोन पर बात भी कराई।

खुलवा लिए दो खाते

इसके बाद नवीन ने सोसायटी में दो खाते खुलवा लिए और नियमित किश्ते भी जमा करवाता रहा। शुरूआत में छह माह के लिए खाते खुलवाने के लिए शर्त रखी गई, इसके बाद शर्त बदल दी और साल भर की अवधि के लिए खाता खुलवाने की शर्त रखी दी। फिर पन्द्रह महीने की एफडीआर कराने के लिए कहा।

रिन्यु करवानी पड़ेगी…

नवीन का आरोप है कि पचास हजार रुपए की एफडीआर की अवधि पूर्ण होने पर रुपए निकालने सोसायटी की ब्रांच में गया तो ब्रांच के स्टाफ ने कहा कि कोई पैसे नहीं है, मैनेजर से बात करो, ब्रांच मैनेजर के पास गुहार लगाई तो उन्होंने कहा कि हमारी संस्था के पास कोई पैसे नहीं है, आपको एफडीआर रिन्यु करवानी पड़ेगी। पीडि़त ने मैनेजर से आग्रह किया उसे पैसे चाहिए, वो एफडीआर रिन्यु नहीं करा सकता। इसके बाद ब्रांच मैनेजर ने रुपए देने से साफ इंकार कर दिया ।

जो होता है कर लो पैसे नहीं…

आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने कहा कि हमारे पास कोई पैसे नहीं है, तुमसे जो होता है, वो कर लो तुम्हारे जैसे बहुत से लोगो की यहां एफडीआर पड़ी है, बार बार इस शाखा में आने की कोई जरुरत नहीं है। इस संबंध में हैड मैनेजर से फोन पर बात की तो उन्होंने भी यही जवाब दिया, हैड मैनेजर ने कहा कि तुमसे जो होता है वो कर लो, कानून हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता उसकी (हैड मैनेजर) की पत्नी इंस्पेक्टर है।

पीडि़त ने आरोप लगाया है कि रूबी क्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी से जुड़े लोगों ने उसके साथ धोखा-धड़ी करने की नीयत से उसे झूठा प्रलोभन व आश्वासन दिया, साथ ही एफडीआर परिपक्व होने बाद भी राशी का गबन किया है।

करोड़ों रुपए का निवेश…

जिले में रूबी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की तरह कई सोसायटिया चल रही है, इनमें हजारों निवेशकों ने करोड़ों रुपए का निवेश कर रखा है। लेकिन बीते तीन चार साल में सोसायटियों से जुड़े धोखाधड़ी और गबन के मामले उजागर होने के बाद निवेशकों का भरोसा इन सोसायटियों से उठता जा रहा है। शहर में ऐसे कई निवेशक है जो अब सोसायटियों में जमा कराए अपने रुपए निकालने के लिए चक्कर लगा रहे है।

सेशन न्यायालयों को अधिकार…
उधर सरकार ने सोसायटियों की धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों को राहत देते हुए प्रदेश के सभी जिला एवं सेशन न्यायालयों में अब इन मामलों की सुनवाई और निस्तारण का अधिकार दे दिया है। इस संबंध में विधि एवं विधिक कार्य विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जा चुकी है।

सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन ने बताया कि अब इस एक्ट के तहत पीडि़तों को जल्द न्याय मिलेगा। इस एक्ट को लागू करने वाला भी राजस्थान देश का पहला राज्य बना गया था। राजस्थान में मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों ने लाखों लोगों के साथ हजारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है। धोखाधड़ी के ज्यादातर मामले क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध हैं। इसमें आदर्श, संजीवनी और नवजीवन आदि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध एसओजी की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

अब तक 59 हजार शिकायतें

जानकारी के मुताबिक सहकारिता विभाग के पोर्टल पर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध अब तक 59 हजार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इन शिकायतकर्ताओं से 1,142 करोड़ रुपए की ठगी इन सोसायटियों ने की है। पोर्टल पर शिकायतें मिलने का सिलसिला लगातार जारी है

केन्द्रीय रजिस्ट्रार का नियंत्रण होता है

मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों पर केन्द्रीय रजिस्ट्रार का नियंत्रण होता है, प्रदेश में धोखाधड़ी के 99 फीसदी मामले मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ ही हैं, पिछले दिनों सहकारिता रजिस्ट्रार ने इस संबंध में केन्द्रीय रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर सोसायटियों पर कार्रवाई जल्द शुरु करने का आग्रह किया था।

 

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बीकानेर में कोरोना मरीज महिला की मौत, अब तक 56 मौतें

बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में कोरोना मरीजों की संख्‍या बढने के साथ-साथ मौतों का आंकडा भी बढ रहा है। आज सुबह कोरोना मरीज महिला की मौत हो गई है।

पीबीएम अस्‍पताल के अधीक्षक डॉ. मोहम्‍मद सलीम ने बताया कि साले की होली निवासी 60 वर्षीया सीमा देवी पत्‍नी रामेश्‍वर लाल को चार अगस्‍त को पीबीएम अस्‍पताल के कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया था। शनिवार अलसुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इसके साथ ही बीकानेर में कोरोना से अब तक 56 मरीजों की मौत हो चुकी है।

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