Saturday, May 16, 2026
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राजस्‍थान विधानसभा में “अपनों” से ही घिरी सरकार, नारेबाजी से नाराज सीएम के सलाहकार को स्‍पीकर ने…

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जयपुर Abhayindia.com राजस्‍थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही के बरलूट में एक निर्दोष व्यक्ति को हत्या के आरोप में जेल में रखने के मामले में वेल में आकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी से नाराज स्पीकर डॉ. सी. पी. जोशी ने मार्शल बुलवाकर संयम लोढ़ा को सदन से बाहर निकलवा दिया। संयम लोढ़ा ने ध्यानाकर्षण से मामला उठाया। इसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस पूरे मामले में ​जांच के बाद जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। कार्रवाई से पहले जांच जरूरी है। सात दिन में जांच हो जाएगी।

मंत्री के जवाब के बीच ही संयम लोढ़ा ने कहा कि 2018 में कांग्रेस पार्टी की तरफ से बरलूट थाने का हमने घेराव किया था। सबको पता है कि वह व्यक्ति निर्दोष है, उसे झूठा फंसाया गया है। इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि हिस्ट्री से कोई मतलब नहीं है, आप मंत्री का जवाब नहीं सुनना चाहते। सात दिन में जांच हो जाएगी, अब चर्चा खत्म हो गई। इसके बाद भी संयम लोढ़ा बोलते रहे।

लोढ़ा ने स्पीकर के टोकने के बाद भी बोलना जारी रखा। स्पीकर ने बैठने को कहा तो पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस पर स्पीकर ने कहा कि मैं सदन से बाहर फिंकवा दूंगा। आपके हिसाब से सदन नहीं चलेगा। इसके बाद भी नारेबाजी जारी रही तो स्पीकर ने मार्शल से कहा कि इसे बाहर फेंकिए। इस तरह स्पीकर ने सरकार के सलाहकार को मार्शल से बाहर निकलवा दिया। जोशी ने कहा कि इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं दी जा सकती। बाकी विधायकों से भी आग्रह है कि वे इस तरह का आचरण नहीं करें, जिससे मुझे कोई अप्रिय फैसला करना पड़े।

इधर, विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक रामनारायण मीणा ने अपनी ही सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल उठा दिए। उन्होंने घोषणा के चार साल बाद भी बूंदी में बूंदा मीणा का पैनोरमा नहीं बनाने पर सवाल उठाए। रामनारायण मीणा ने कहा कि सरकार इतनी सुस्त क्यों चल रही है। अफसर उसकी बात नहीं मानते। संस्कृति मंत्री ने कलेक्टर को लेटर लिखा। अब तक काम क्यों नहीं हुआ? 2018 में बूंदी में बूंदा मीणा का पैनोरमा बनाने की घोषणा हुई थी, अब तक कोई काम नहीं हुआ है। जिम्मेदार अफसर के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

इस पर कला संस्कृति मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि पैनारेमा के लिए तीन बार पत्र लिखा जा चुका है। अभी 28 फरवरी को ही बूंदी कलेक्टर ने स्वायत्त शासन विभाग को तीन एकड़ जमीन मुफ्त आवंटित करने के लिए लिखा है। जैसे ही जमीन आवंटित हो जाएगी काम शुरू हो जाएगा। इस पर रामनारायण मीणा ने फिर सवाल उठाया कि चार साल में अफसर ने बात नहीं मानी, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

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