









बीकानेर Abhayindia.com कोरोना काल के चलते मनरेगा कार्य बंद पड़ा है। इस कारण ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है।
ऐसी स्थिति में गांवों के सरपंच ग्रामीणों को रोजगार देने में असमर्थ रहे है। नोखा प्रधान रामप्यारी देवी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर बन्द पड़ी मनरेगा योजना को जल्द शुरू करने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार देने की मांग उठाई है। प्रधान प्रतिनिधि आत्माराम तर्ड ने बताया कि मनरेगा बन्द होने से ग्रामीणों के सामने दो वक्त की रोजी-रोटी कमाना मुश्किल हो गया है।
प्रधान ने नोखा पंचायत समिति के सभी 43 गांवों में मनरेगा कार्य में श्रमिकों की संख्या में बढ़ोतरी करने की बात उठाई है। पत्र के जरिए अवगत कराया है कि कल्याणकारी सरकार को कोरोना के चलते बेरोजगारी की पीड़ा भोग रहे ग्रामीणों को मानवता के आधार पर तत्काल रोजगार उपलब्ध करवाना चाहिए।
साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में दस दस मनरेगा कार्य भी स्वीकृत कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की जाए। प्रधान के अनुसार ग्राम पंचायतों में बीते छ: माह से श्रमिक कार्य बंद है। पंचायत भवन भी बंद पड़ा है। प्रधान ने चेताया है कि सरकार ने इस समस्या का समाधान जल्द नहीं किया तो 30 जून को बड़ा आंदोलन किया जाएगा।






