








जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की पांचवी बैठक में 7 विभागों की लगभग 33 हजार 39 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति को लेकर निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि परियोजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारकर आमजन तक उसका लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में लेटलतीफी ना करें तथा प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन एवं क्वालिटी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पूरे प्रदेश में कहीं पर भी आमजन को पानी की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सभी कलक्टर अपने जिले की पेयजल से जुड़ी शिकायतों का अतिशीघ्र निस्तारण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की हर छोटी समस्या का समाधान हमारी सरकार की सर्वोेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर आ रही प्रत्येक शिकायत का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित परिवादियों से बात भी की। मुख्यमंत्री ने नागौर के रामदेव की परिवेदना पर सुचारू पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन सहायक अभियंता को निलंबित किया।
उन्होंने कोटपुतली-बहरोड़ के सुशील को कॉलोनी में सफाई करवाने की परिवेदना के संबंध में दोषी अधिकारी को भी निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जोधपुर के जालम सिंह की पेयजल सुविधा की परिवेदना के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवेदनाओं को अनावश्यक रूप से एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित नहीं करें। मुख्यमंत्री ने परिवादियों से आत्मीयता से बात की। इन सभी परिवादियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संतुष्टि जाहिर की और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इस दौरान मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज उन्नति की पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति को लेकर जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन – राज उन्नति की अभिनव पहल की गई। जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से सीधा संवाद कर प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते है तथा समस्या का वास्तविक समाधान किया जाता है। राज्य सरकार के इस प्रयास का राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ नवाचार के रूप में मान्यता मिली है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हो रही राज उन्नति की इन नियमित बैठकों से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। राज उन्नति की पांचवी बैठक की 33 हजार 39 करोड़ रुपये सहित अब तक हुई इसकी बैठकों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा की गई। साथ ही, राज उन्नति में परिवेदना दर्ज होने पर आमजन के संतोष में भी वृद्धि हुई है।
शीघ्र शुरू हो ई-बस, डिपो एवं चार्जिंग स्टेशन के काम को दें तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपील के अनुरूप राष्ट्रहित में ईंधन की बचत एवं ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही शुरू की जाने वाली ई-बसों के संचालन से शहरों में प्रदूषण कम होगा। साथ ही, पेट्रोल एवं डीजल की भी बचत होगी। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र ई-बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने संबंधित शहरों में डिपो, चार्जिंग स्टेशन के कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि शहरी ट्रांसपोर्ट सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और अलवर सहित प्रमुख शहरों में ई-बस संचालन किया जाएगा।
पानी व बिजली से जुड़े विभागों की हो साप्ताहिक बैठक, नियमित भेजें रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकारी समर कंटीजेन्सी प्लान के तहत प्रदेशवासियों को सुचारू पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। प्रदेश में किसी को भी पेयजल एवं बिजली की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलक्टर के पास पेयजल से जुड़ी आमजन की समस्याओं के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से समन्वय बनाते हुए त्वरित समाधान करें। उन्होंने कहा कि पानी व बिजली से जुड़े विभागों की हर सात दिन में बैठक हो तथा प्रतिदिन मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेजी जाए। उन्होंने कहा कि इस समय पशु-पक्षियों के लिए भी दाना, पानी एवं चारे के लिए जन सहयोग के साथ समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से समर कंटीजेन्सी प्लान की धरातलीय स्थिति के बारे में जानकारी ली।
आवासीय विद्यालयों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावासों के माध्यम से वंचित, गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इन विद्यालयों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा साप्ताहिक समीक्षा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही, सुरक्षा की दृष्टि से इन आवासीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में खाली सीट में प्रवेश के लिए अध्यापक गांवों में माता-पिता से संपर्क कर बच्चों को प्रवेश के लिए प्रोत्साहित करें।
बीकानेर कैनाल परियोजना के काम में लाए गति
उन्होंने कहा कि गंग कैनाल फेज 1 के स्वचालन परियोजना के तहत 3.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी। जिससे नहरी क्षेत्र में सिंचाई दक्षता में वृद्धि होगी। उन्होंने गंगनहर शताब्दी एवं बीकानेर कैनाल परियोजना के पुनरूद्धार एवं सुदृढ़ीकरण संबंधी कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग के सभी परियोजनाओं के संबंध में संबंधित राज्यों से समन्वय कर निर्धारित समय पर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब से परियोजनाओं की लागत बढ़ती है तथा सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। बैठक में श्रीगंगानगर जिले की क्षतिग्रस्त नहरों एवं नकारा खालों के पुननिर्माण को लेकर भी चर्चा की गई।
छोटे जर्जर बस स्टैण्ड को इसी माह ठीक कराएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकतानुसार समय से नई बस की खरीद तथा बसों के रूट भी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसी माह में छोटे जर्जर बस स्टैंडों को ठीक कराया जाए तथा इन स्टैण्ड पर बसों का रूट चार्ट लगाया जाए जिससे यात्री को बसों के रूट की पूरी जानकारी हो सके। उन्होंने मुख्य सचिव को यूडीएच, परिवहन, ट्रैफिक तथा सभी संबंधित विभागों के साथ इस संबंध में बैठक लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां एवं संसाधन समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएं ताकि आमजन को शीघ्र आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर-किशनगढ़-अजमेर-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे के संबंध में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि अधिग्रहण में तेजी लाए। साथ ही, उन्होंने ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे के संबंध में अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर परियोजना में भी गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उदयपुर में देबारी चौराहे से प्रतापनगर चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड तथा जेएलएन चिकित्सालय अजमेर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थापना परियोजना की प्रगति को लेकर भी चर्चा की।


