








बीकानेर Abhayindia.com अंतरराष्ट्रीय कंगारू मदर केयर दिवस के अवसर पर डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में आज नवजात शिशुओं की देखभाल की जीवन रक्षक तकनीक ‘कंगारू मदर केयर (KMC)’ पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (NNF) राजपूताना के एग्जीक्यूटिव बॉडी सदस्य एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने कंगारू मदर केयर के वैज्ञानिक लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि “KMC कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्री-मैच्योर व कम वजन के नवजातों के लिए ‘स्टैंडर्ड ऑफ केयर’ है।”
डॉ. श्याम अग्रवाल ने KMC के प्रमुख लाभ बताए...
1. तापमान नियंत्रण*: मां की त्वचा से त्वचा का संपर्क नवजात को हाइपोथर्मिया से बचाता है। इनक्यूबेटर जैसा प्रभाव।
2. वृद्धि एवं विकास*: KMC पाने वाले शिशुओं का वजन तेजी से बढ़ता है। 40% तक मृत्यु दर कम होती है।
3. स्तनपान में सुधार*: KMC से एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग की दर 50% तक बढ़ती है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
4. इन्फेक्शन से बचाव*: मां के संपर्क से शिशु को अस्पताल के संक्रमण का खतरा 60% तक कम होता है।
5. मस्तिष्क विकास*: KMC से शिशु के न्यूरोलॉजिकल विकास, नींद और दर्द सहनशीलता में सुधार होता है।
6. मां-बच्चे का बॉन्ड*: माता में पोस्टपार्टम डिप्रेशन कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है।
प्रैक्टिकल डेमो : अस्पताल की पैरामेडिकल नर्सिंग स्टाफ ने उपस्थित 10 माताओं व आशा कार्यकर्ताओं को KMC की सही तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया। बताया गया कि कैसे शिशु को केवल डायपर पहनाकर मां की छाती पर सीधा खड़ा रखकर, कपड़े से बांधा जाता है। 24 घंटे में कम से कम 8 घंटे KMC देने की सलाह दी गई।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि “1.5 किलो से कम वजन के हर बच्चे को KMC मिलना चाहिए। ये तकनीक मुफ्त, सुरक्षित और मां की गोद से बेहतर कोई इनक्यूबेटर नहीं।” उन्होंने बताया कि उनके अस्पताल में पिछले 2 साल में 30 प्रीटर्म शिशुओं को KMC से लाभ पहुंचाकर ‘इंटैक्ट सर्वाइवल’ यानी बिना किसी विकलांगता के स्वस्थ जीवन दिया गया है। कार्यक्रम में डॉ. श्याम अग्रवाल सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में सभी माताओं को KMC पोजीशन चार्ट व प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ज्ञात हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 15 मई को ‘अंतर्राष्ट्रीय कंगारू मदर केयर दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कम वजन के नवजातों की मृत्युदर कम करना है।


