






बीकानेर Abhayindia.com जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन की लेडिज विंग द्वारा गंगाशहर के शांति निकेतन में सोमवार को हैप्पी माइंड हैप्पी फैमिली विषयक कार्यशाला का आयोजन साध्वीश्री त्रिशलाकुमारीजी के सान्निध्य में किया गया।
साध्वीश्री त्रिशलाकुमारी ने कहा कि प्रसन्न मन और मस्तिष्क सकारात्मकता का ही संचार करता है। महिला हो या पुरुष सबके जीवन में परिवार की अहम भूमिका होती है। परिवार अगर साथ हो तो किसी भी परेशानी को आसानी से पार किया जा सकता है। अगर परिवार में मनमुटाव और एक दूसरे के बीच दूरियां आ जाए तो इंसान का मनोबल टूट जाता है। परिवार के सदस्यों के बीच दूरी तभी आती है, जब संवाद यानि बातचीत की कमी होती है। परिवार को अगर खुशहाल रखना चाहते हैं तो सबसे पहले परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करना शुरू कर दें। उनकी बात ध्यान से सुनें और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करें। घर के सदस्यों व बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों को मजाक में बदलें। छोटी गलती को बड़ा न बनाएं और बड़ी गलती को माफ करना सीखें। त्याग और क्षमा दो गुणों को अपनाने से परिवार में खुशहाली रहेगी।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए साध्वीश्री कल्पयशा ने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करें और बच्चों को बड़ों का आदर करना सिखाएं। घर में बुजुर्गों से, माता-पिता एवं बड़ों से जब भी बातचीत करते हों तो मोबाइल न छेड़ें। प्रयास करें रोजाना एक समय साथ में बैठकर भोजन करें और एक-दूसरे से दिनभर के कार्यों के बारे में जानकारी लें। आध्यात्मिक भाव से जुडऩा भी बेहद जरुरी है, जप-तप की संगत करें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का माहौल बनाया जा सके। साध्वीश्री रश्मिप्रभा ने कार्यशाला में नए प्रयोगों तथा गीत के माध्यम से हैप्पी माइंड हैप्पी फैमिली के बारे में जानकारी दी।
जीतो लेडिज विंग चैयरपर्सन ममता रांका ने बताया कि कार्यशाला के प्रति महिलाओं ने उत्साह दिखाते हुए इसे आगामी दिवस पुन: आयोजित करने का आग्रह किया। सैक्रेटरी रजनी नाहटा ने बताया कि कार्यशाला की कन्वीनर शालिनी कांकरिया एवं सुषमा छलानी के प्रयास सार्थक साबित हुए।


