






बीकानेर Abhayindia.com संगठित अपराध को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस महानिरीक्षक हेमंत शर्मा और पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने शाम को तीन घंटे पैदल गश्त शुरू कर दी है। आपको बता दें कि आमतौर पर पुलिस थानों के एसएचओ, सर्किल सीओ ही सायंकालीन गश्त करते हैं। सुपरवाइजर अधिकारियों की ड्यूटी लगती रही है। अब प्रदेश में अपराधों में कमी लाने, कानून-व्यवस्था और आमजन में विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से आईजी-एसपी के लिए भी तीन घंटे की गश्त जरूरी कर दी गई है। डीजी कानून-व्यवस्था ने इस संबंध में दिशा- निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश में संगठित अपराध, व्यापारियों को धमकी, फायरिंग, लूट, डकैती जैसी वारदातों से आमजन में पुलिस की नकारात्मक छवि बनने लगी। इसे देखते हुए सीएमओ ने इस पर चिंता जताई थी। उसके बाद पुलिस मुयालय के आला अधिकारी अपराधियों के प्रति सती बरतने लगे। खास तौर पर गैंगस्टर के खिलाफ मुहिम शुरू की। इसी कड़ी में आई- एसपी को भी आमजन के बीच लाया गया है। पुलिस मुयालय के आदेश के बाद बीकानेर रेंज के आईजी हेमंत शर्मा और एसपी कावेन्द्रसिंह सागर सोमवार को सायंकाल गश्त पर निकले।
इन दोनों अधिकारी अधीनस्थों के साथ कोटगेट और कोतवाली पुलिस थानों के सार्दुलसिंह सर्किल, केईएम रोड, कोटगेट, बड़ा बाजार, चाय पट्टी, मावा पट्टी सहित अनेक इलाकों में घूमें। प्रमुख चौराहों पर रुके। इस दौरान अधिकारियों ने इलाकों में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी ली। गश्त के दौरान एएसपी सिटी सौरभ तिवाड़ी और सर्किल सीओ श्रवणदास, पुलिस थानों के एसएचओ भी साथ रहे।


