Monday, June 22, 2026
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राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के सह जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ को कुलगुरु प्रो. एसके सिंह ने किया सम्मानित

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कोटा Abhayindia.com राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के सह जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ को कुलगुरु प्रो.एस के सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। लोक प्रशासन एवं जनसंपर्क विषयों के विख्यात उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञ विक्रम राठौड़ को यह सम्मान राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की जनसंपर्क-पत्रकारिता एवं प्रशासन से जुडी नीतियों के सफल क्रियान्वयन एवं व्यापक मीडिया प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रदत्त दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन के लिए प्रदान किया गया है।

कुलगुरु प्रो. एसके सिंह ने विक्रम राठौड़ को सम्मानित करते हुए कहा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के सह जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में राठौड़ की सेवाएं अति सराहनीय, प्रशंसनीय एवं उत्कृष्ट रही है। विश्वविद्यालय को प्रदान की गयी सेंवाओ से विश्वविद्यालय निरंतर लाभान्वित हो रहा हैं। मीडिया जनसंपर्क से जुडी सेवाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन एवं विश्वविद्यालय की नीतियों के प्रचार-प्रसार में योगदान देने के साथ उन्होंने असंख्य उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की है। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो एसके सिंह ने राठौड़ को शुभकामनाएं प्रदान की एवं राठौड़ ने इस सम्मान के लिए कुलगुरु का आभार प्रकट किया।

ज्ञातव्य है कि विख्यात उच्च शिक्षा विशेषज्ञ विक्रम राठौड़ बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय, बीकानेर के जनसंपर्क अधिकारी एवं जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की जनसंपर्क प्रकोष्ठ समिति के सह संयोजक के रूप में भी अपनी मानद सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विगत कई वर्षों से जनसंपर्क, विश्वविद्यालय मामलों के विशेषज्ञ, साहित्य और लोक प्रशासन क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करने वाले राठौड़ उच्च शिक्षा विशेषज्ञ होने के साथ लेखक, साहित्यकार और स्वतंत्र उच्च शिक्षा समीक्षक -विश्लेषक और सलाहकार भी है। साथ ही राठौड़ कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े होने के साथ सामाजिक सरकार के में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।

इस अवसर पर राठौड़ ने बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मंशानुरूप विश्वविद्यालय के सशक्तिकरण और उनके हितधारकों में उनके मूल्यों में वृद्धि के लिए विश्वविद्यालय की कल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों का प्रभावी ढंग से हितधारकों में उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है। जिससे हितधारकोंं, विद्यार्थियों और जनसंपर्क समुदाय में सकारात्मक संबंधों को गति मिलेगी।

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