








बीकानेर Abhayindia.com शिवपुराण में कहा गया है कि रुदृपाठ के उच्चारण के साथ निरंतर हजारों जलधाराओं से शिवलिंग (महादेव) का रुद्राभिषेक करने से समस्त प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। सहस्त्र गुना पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। समस्त रोगों से छुटकारा और अकाल मृत्यु से रक्षा मिलती है। इसी भक्ति भावना और उद्देश्य के लिए मोहता चौक के शिव भक्तों द्वारा मरुनायक चौक स्थिति नाटेश्वर महादेव मंदिर (विश्व का एकमात्र शिवलिंग जहां माता पार्वती की मूर्ति शिवलिंग के आगे स्थापित है) में आज 17 अगस्त 2025 रविवार को रुपेन जोशी, विष्णु भादाणी और सुनील ओझा ने सपत्नीक नाटेश्वर महादेव की वैदिक विधि से पूजापाठ और रुद्रीपाठ उच्चारणों के साथ सहस्त्रधारा अभिषेक किया।
इस अवसर पर विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों और इत्रों से मिश्रित जल को यजमानों के साथ-साथ सैकड़ों भक्तों ने भी शिवलिंग पर अर्पित किया। सहस्रधारा अभिषेक के बाद हवन-यज्ञ में भी भक्तों और दर्शनार्थियों ने आहुतियां दी। इस कार्यक्रम से जुड़े गिरधर जोशी ने बताया कि बीकानेर के सुप्रसिद्ध पंडित जुगल किशोर ओझा (पुजारी बाबा) ने कार्यक्रम में शिव भक्ति की महिमा के बारे में बताया और सभी आयोजकों को ऐसे धार्मिक कार्यक्रम निरन्तर जारी रखने का आशीर्वचन दिया।
भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का विशेष श्रंगार और सामूहिक महाआरती की गई। आरती के बाद सांय काल सामूहिक प्रसाद ग्रहण का कार्यक्रम भी रखा गया जिसमें रूपेन, सुनील, योगेश, अजय, खुशाल, हेमंत, विजय, आशीष, पवन, मोहित और सभी मौहल्लेवासियों ने सहयोग किया।


