








जयपुर Abhayindia.com राजस्थान की राजनीति में आने वाले दिनों में कुछ उठापटक देखी जा सकती है। असल में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हाल में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और मौजूदा सीएम भजनलाल शर्मा की हुई मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक इन मुलाकातों को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद जाट समाज को साधने, प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देख रहे हैं।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्थान में डबल इंजन सरकार के तहत चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मोदी ने राजस्थान को भविष्य में और अधिक सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इस मुलाकात में झालावाड़ के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे पर भी चर्चा हुई, जिस पर प्रधानमंत्री ने अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
इससे पहले बीते सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान वसुंधरा ने अपने समर्थकों को सरकार और संगठन में उचित स्थान देने की मांग रखी। जानकारों की मानें तो भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों में कुछ असंतोष देखा गया था। ऐसे में उनकी यह मुलाकात पार्टी नेतृत्व के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में देखी जा रही है।
इधर, भजनलाल और वसुंधरा की मुलाकातों के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। कयास लगाया जा रहा है कि सरकार में जल्द ही नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जिसमें वसुंधरा समर्थकों को भी स्थान मिल सकता है। इसके अलावा, बोर्ड और निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।


