








बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर शहर में सावन की रिमझिम फुहारों के बीच शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष तेज हो गए है। इस महीने शिव मंदिरों में भक्तों के आने का दौर आम दिनों से ज्यादा रहता है। यहां बात करते है बीकानेर के एक ऐतिहासिक और प्राचीन महादेव मंदिर कसौटीनाथ की। यह मंदिर स्थित है बेनीसर बारी के बाहर नाथसागर तालाब के पास। मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग, कसौटी पत्थर का बना है लिहाजा इसे “कसौटीनाथ” नाम दिया गया है। इसे गजपतेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है।
बताया जाता है कि इस कसौटीनाथ महादेव मंदिर की स्थापना सोलहवीं शताब्दी में हुई थी। इसके उपरांत सत्रहवीं शताब्दी के दौरान बीकानेर के महाराजा गजसिंह ने इस मंदिर का पुनरुद्धार करवाया था। मंदिर का गर्भ गृह जमीन से लगभग 30 फीट ऊपर है। बताया यह भी जाता है कि मुगल शासक हुमायूं ने शेरशाह सूरी से पराजित होने के बाद इस मंदिर में गुप्त शरण ली थी। यह स्थान नाथ संप्रदाय की तपस्थली रही है। नाथ संप्रदाय के संत-महात्माओं ने तपस्या की। कसौटी नाथ महादेव मंदिर की छत पर महादेव का ही एक और मंदिर है, जिसकी छत नहीं है। इस मंदिर परिसर में चामुंडा माता और श्रीभैरवनाथ का मंदिर भी है।


