जयपुर Abhayindia.com राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में कैशलेस इलाज नहीं कर सिर्फ पुर्नभरण मॉडल पर इलाज करने की निजी अस्पतालों की चेतावनी के बाद अब प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का अहम बयान सामने आया है। मंत्री खींवसर ने कहा है कि आरजीएचएस योजना को और बेहतर बनाने के लिए सरकार विचार कर रही है। हमारा कमिटमेंट हैं कि इस योजना के लाभार्थियों को पूरा लाभ मिले। हम निजी अस्पताल, दवाई केंद्र वालों को बुलाएंगे, उनके साथ मनभेद, मतभेद दूर करेंगे और अच्छे विकल्प निकाले जाएंगे।
निजी अस्पताल संचालकों की चेतावनी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री खींवसर ने कहा कि ना हम डरेंगे, ना हम योजना को बंद करेंगे बल्कि इसे और बेहतर बनाने के प्रयास करेंगे। इसके अगले सप्ताह सभी पक्षों के साथ बैठकर वार्ता करेंगे।
खींवसर ने कहा कि इसी तरह की दिक्कत मां योजना के क्रियान्वयन में आ रही थी, जो अब दूर हो गई है। उसी तर्ज पर हम आरजीएचएस को सफल बनाएंगे। इसमें चल रही अनियमितताएं दूर की जाएगी, लीकेज दुरुस्त किए जाएंगे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि उनके समय भी अनियमितताएं थी, ऐसा नहीं है ये पहली बार हो रही है। हम सभी सुझाव लेकर मिल बैठकर इस योजना को क्रियान्वित करेंगे।
आपको बता दें कि निजी अस्पतालों ने हाल में आरजीएचएस को लेकर कैशलेस इलाज नहीं कर सिर्फ पुर्नभरण मॉडल पर इलाज करने की चेतावनी दी है। प्रदेश के निजी अस्पतालों के संगठनों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार यह बहिष्कार 15 जुलाई को प्रात: 8 बजे से लागू होगा। लाभार्थियों को उपचार के बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे सरकार से पुनर्भरण प्राप्त करना होगा। बयान में कहा गया है कि शुरूआत में योजना को सेंट्रल गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (सीजएचएस) नियमों के अनुरूप लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में बार-बार नए-नए नियम बनाए गए, जिनकी सूचना अस्पतालों को नहीं दी गई।
आपको यह बता दें कि इस योजना के दायरे में प्रदेश के करीब 11 लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर और अन्य संवर्ग के कर्मचारियों के करीब 50 लोग दायरे में हैं।













