शिक्षाकर्मियों ने हाईकोर्ट का फैसला लागू कराने के लिए बनाई रणनीति

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पेंशन प्रकरण को लेकर रविवार को बीकानेर के रतन बिहारी पार्क में एकजुट हुए समायोजित शिक्षाकर्मी।

 

समायोजित शिक्षाकर्मियों ने पेंशन के संबंध में आए न्यायालय के आदेश को लेकर की समीक्षा

सुरेश बोड़ा

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश में अनुदानित शिक्षण संस्थाओं से राज्य सरकार में समायोजित हुए शिक्षाकर्मियों ने पेंशन को लेकर हाल में हाईकोर्ट की ओर से दिए गए फैसले को लागू कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना ली है। रविवार को यहां रतन बिहारी पार्क में हुई राजस्थान समायोजित शिक्षक संघ (वेलफेयर सोसायटी) की बीकानेर जिला इकाई की बैठक में सभी सदस्यों ने एकस्वर में कहा कि सरकार को न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए कमर्चारी हितों में इसे जल्द लागू करना चाहिए।
इकाई के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश बाना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संघ और सोसायटी के प्रांतीय संरक्षक गोपाल छंगाणी तथा प्रांतीय संगठन मंत्री सरदार सिंह शेखावत ने अपने विचार रखे। दोनों ही प्रदेश पदाधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट ने हाल में समायोजित शिक्षाकर्मियों को पेंशन का हकदार बताते हुए हमारे पक्ष में फैसला दे दिया है। अब राज्य सरकार को चाहिए कि वो जल्द से जल्द इस फैसले की पालना करते हुए शिक्षाकर्मियों का उनका वाजिब हक दें। छंगाणी और शेखावत ने कहा कि सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार सिंह बुगारिया एवं अन्य सदस्यों के प्रयासों से हमें पेंशन के मामले में पहली जीत मिल गई है। यदि सरकार ने समय रहते इसकी पालना नहीं की और इसे टालने की कोशिश की तो हम चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि सोसायटी के पदाधिकारी शनिवार को इस मुद्दे को लेकर अजमेर में शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी से भी मिले तथा उन्हें न्यायालय के निर्णय से अवगत कराया था। इस पर मंत्री ने भी सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा सोसायटी के पदाधिकारियों ने मुख्य शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक से भी न्यायालय के आदेशों की पालना जल्द कराने का अनुरोध किया है।
उन्होंने बताया कि आज हुई बैठक में शिक्षाकर्मियों को बताया गया कि पूर्व में ली हुई पीएफ की राशि छह प्रतिशत ब्याज सहित वेलफेयर सोसायटी के माध्यम से किस तरह जमा कराई जा सकती है। जिन विद्यालयों में शिक्षाकर्मियों को पीएफ का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ, उनकी सूची प्राप्त करके निदेशालय को सूचित किया जाएगा ताकि वो भी पेंशन की पात्रता हारित कर सके। बैठक में समायोजित शिक्षाकर्मियों को शहरी क्षेत्र में लगाने तथा उनकी पदोन्नति से जुड़े मुद्दे पर भी व्यापक चर्चा करते हुए इसके लिए भी सरकार को जल्द ही ज्ञापन देने का निर्णय किया गया।