Saturday, April 25, 2026
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सिंथेसिस संस्थान ने ऐसे मनाया गणतंत्र दिवस, प्रतिभाओं को मिले नगद पुरस्‍कार

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बीकानेर abhayindia.com हर साल की तरह इस बार भी सिंथेसिस संस्‍थान परिवार ने गणतंत्र दिवस परम्परागत रूप से बडे धूम-धाम से मनाया। संस्थान प्रांगण में आयोजित समारोह में नवाचार के अनुसार झंडा फहराने के लिए सिंथेसिस के एलुमिनी डॉ. राधेश्याम नाई एवं राजकीय डूंगर महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. के. डी. शर्मा को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि डॉ. के. डी. शर्मा व विशिष्ट अतिथि डॉ. राधेश्याम नाई को अपर्णा पहनाकर, स्मृति चिन्ह व श्रीफल देकर की गई।

संस्थान के अकादमिक निदेशक डॉ. श्वेत गोस्वामी के अनुसार हर साल की भांति इस साल भी अपनी कक्षा में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को सिंथेसिस ने नकद पुरस्कार दिये ताकि बच्चों में अव्वल आने का उत्साह जारी रहें। इस दौरान विद्यार्थियों को लगभग 60000 हजार रुपए का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विशिष्ट अतिथियों के अलावा संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक कमलेश लालवाणी, दीपक लढ्ढा, डॉ. ज्योत्सना रंगा, डॉ. रमेश पुरोहित, डॉ. क्षितिज गोस्वामी, प्रतिभा कलानी, दिनेश चौधरी, चिरायु सारवाल, अमित सैन, विक्रम मलिक, सिंथेसिस के सहनिदेशक एकता गोस्वामी और अमिता मांडण के द्वारा वितरित किये गए।

इस पुरस्कार वितरण में मोनिका गहलोत को सबसे ज्यादा 4000 रू., श्रीगंगानगर के यश अरोडा को 3000 रू. और अनुभूति गोस्वामी को 2600 रू. नगद पुरस्कार मिला। साथ ही जनवरी के जेईई-मैन की परीक्षा में टॉप करने पर जयप्रकाश बेनीवाल को गोल्ड मैडल, श्रीगंगानगर के देवांश पारीक को सिल्वर मैडल, अर्जुन सोनी, सूरतगढ़ के रजत मुंड और जैसलमेर के पुष्‍पेंद्र सिंह को ब्रोंज मेडल देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. के.डी. शर्मा ने भी अपने उद्बोधन में भारतीय संविधान से जुड़े कई रोचक तथ्यों पर प्रकाश डाला। जैसे कि शुरूआत में महिलाओं को मताधिकार नहीं दिया गया लेकिन बाबा साहेब के विशिष्ट प्रयासों से देश की आधी आबादी को यह अधिकार मिला। इसके बाद विशिष्ट अतिथि डॉ. राधेश्याम नाई ने अपने यादगार संस्मरण सभी बच्चों से साझा किये और अपने अनुभव के आधार पर बताया कि सफलता के लिए तीन ‘पी’जैसे कि पैसा, पॉवर और पढ़ाई की आवश्यकता पड़ती हैं। परन्तु पढ़ाई सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आप पैसा और पॉवर दोनो हासिल कर सकते हैं।

सिंथेसिस के निदेशक जेठमल सुथार ने सभी उपस्थित लोगों को सम्मानित होने वाले प्रत्येक बच्चे की विशेषताओं से अवगत करवाया और सभी विद्यार्थियों को इन बच्चों का अनुसरण करने की सलाह देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। सिंथेसिस संरक्षक श्याम सुन्दर बजाज और निदेशक डॉ. श्वेत गोस्वामी ने देशभक्ति गीतों से पूरे सभागार को देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में सिंथेसिस निदेशक मनोज कुमार बजाज ने डॉ. राधेश्याम नाई और उनके छोटे भाई श्रीकिशन के परस्पर त्याग को राम और भरत के उदाहरण से समझाया। बच्चों को प्रोत्साहित किया कि आप भी पारिवारिक मूल्यों का ध्यान रखें। साथ ही सभी आंगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कुमार शर्मा और मृणाल आचार्य ने किया।

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