





बीकानेर abhayindia.com पंजाब और राजस्थान के लोक गायकों की संस्कृति को दर्शाती लेखक, निर्देशक और निर्माता सुखविंदर सिंह की चर्चिंत फिल्म “‘देसी बैंड्स’ ने देश के बाद अब विदेश में भी सफलता के झंडे गाड़ दिए है। इस फिल्म को कैलीफोर्निया (अमेरिका) में द इंडोफेस्ट फिल्म अवार्ड समारोह में “अवार्ड ऑफ रिकोगनिशन” दिया गया। इस फेस्टिवल में भारत से अवार्ड प्राप्त करने वाली केवल दो ही फिल्में थी। इनमें एक सुखविंदर सिंह की देसी बैंड और दूसरी तनुजा चंद्रा की “अंटी सुधा अंटी राधा“ शामिल है। फेस्टिवल में विदेशी फिल्मों का ही ज्यादा बोलबाला रहा।

फिल्म के लेखक, निर्देशक और निर्माता सुखविंदर सिंह ने “अभय इंडिया” को बताया कि ‘देसी बैंड्स’ फिल्म के माध्यम से हमने पंजाब और राजस्थान के लोक गायकों की संस्कृति को दर्शाने की भरसक कोशिश की है। मेरे पिता बीएसएफ में थे, इसी वजह से अलग-अलग जगह का कल्चर देखने को मिला। इस फिल्म के बारे में उनको विचार तब आया जबकि उन्होंने देखा कि अब गायकी का दौर एकदम बदल चुका है।

इस फिल्म में संजीव वत्स, तरुण कुमार, अशोक शर्मा, अंकिता गोसाइं, अजय चौहान, विकास खोसला, विशाल सैनी, करमजीत बराड, इस्माइल आजाद मालिया, सिकन्दर अली, फतह मोहम्मद हैं। फिल्म के म्युजिक डायरेक्टर बीकानेर के इस्माइल आजाद मालिया है, जबकि सिंगर इस्माइल आजाद मालिया सहित रुकसाना सरगम, नियाज हसन सलीम, अमन वालिया है। उन्होंने बताया कि वह कई इंटरटेनमेंट चैनलों में काम कर चुके है और इसके साथ ही पंजाबी मूवी में भी काम किया है। सुखविंदर ने बताया कि उनका बीकानेर से भी पुराना नाता रहा है। उनके पिता बीकानेर में बीएसएफ कार्यरत थे, ऐसे में मेरा भी वहां थियेटर व गायकी से संबंधित लोगों से गहरा नाता रहा है।
कनाडा में होने वाले फेस्टिवल में दिखाई जाएगी बीकानेर संभाग के इस लेखक की फिल्म ‘देसी बैंड्स’







