Saturday, January 17, 2026
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना : कई जिलों में हुआ फर्जीवाड़ा, मंत्री ने कहा- दोषियों पर हो सख्‍त कार्रवाई

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जयपुर Abhayindia.com सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक राहत मिले, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसानों तथा सहकारी सदस्यों को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से राज्य बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिनकी समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कठोर कार्यवाही की जाए।

सहकारिता मंत्री सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में राज्य बजट 2025-26 में की गई घोषणाओं सहित विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अकृषि ऋणों की वसूली के लिए अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की जाए तथा अवधिपार ऋणों की वसूली के लिए ऋणी सदस्यों को नोटिस देने के साथ ही समझाइश की जाए।

दक ने एकमुश्त समझौता योजना का ड्राफ्ट वित्त विभाग से अनुमोदन के लिए शीघ्र भिजवाए जाने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने योजना के बारे में सभी ऋणियों को कॉल सेन्टर के माध्यम से सूचित करने के लिए एजेंसी हायर करने के भी निर्देश दिए।

दक ने अप्रेल से शुरू होने जा रही चना-सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर राजफैड अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हैण्डलिंग और ट्रांसपोर्ट के टेंडर को लेकर उप रजिस्ट्रारों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शितापूर्ण होनी चाहिए। सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद केन्द्रों पर यथासंभव नये अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए, जिससे अनियमितता की संभावना नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जिन खरीद केन्द्रों पर पूर्व में अनियमितताएं हुई हैं, उनकी जांच करवाई जाए। साथ ही, उनका भुगतान रोकने की कार्यवाही भी की जाए।

सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में चना और सरसों की अधिक पैदावार होती है, वहां अधिक संख्या में खरीद केन्द्र खोले जाएं। इससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा उन्हें घर के निकट ही अपनी उपज बेचान की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में हुई खरीद के डेटा का विश्लेषण कर यह तय किया जाए कि किन सेंटर्स पर ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता है। दक ने बारदाने की समुचित व्यवस्था रखने, भण्डारण सुविधा का ध्यान रखने एवं बायोमीट्रिक व्यवस्था शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए।

दक ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में योजना में फर्जीवाड़ा हुआ है, वहां दोषियों से वसूली की कार्यवाही की जाए। सहकारिता मंत्री ने अनियमितता के जिन प्रकरणों में एफआर लग चुकी है, उनमें फिर से एफआईआर दर्ज करवाने तथा नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट लेने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 6,781 पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन कर लगभग 3,500 पैक्स को गो-लाइव किया जा चुका है। सहकारिता मंत्री ने इस कार्य में और गति लाने के अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं, श्री दक ने प्रदेश में नवीन पैक्स गठन के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बजट घोषणा के अनुरूप आगामी 2 वर्षों में 2,500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य पूरा हो, इसके लिए नोडल अधिकारी से साप्ताहिक रूप से प्रगति रिपोर्ट ली जाए।

सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शुरूआत से ही लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूरा करने में पूरे मनोयोग से जुट जाएं, जिससे बजट घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी सभी विभागीय कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें ताकि निचले स्तर तक व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें एवं लक्ष्य समयानुरूप पूरे किए जा सकें। बैठक में राजफैड के प्रबंध निदेशक टीकमचन्द बोहरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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