Friday, February 28, 2025
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नीट-2024 का मामला : मेडिकल सीट निरस्त करने के आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक

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जोधपुर Abhayindia.com राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ के न्यायाधीश दिनेश मेहता ने मुदिता मीना की ओर से प्रस्तुत रिट याचिका को अंतरिम रूप से ग्राहृय करते हुए उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज, चुरू में सुचारू रूप से अध्ययन करवाने का आदेश पारित किया। चितौड़गढ निवासी मुदिता मीना ने वर्ष 2024 में राष्‍ट्रीय दक्षता प्रवेश परीक्षा (नीट) में भाग लिया व उसे पचपन प्रतिशत अंक हासिल किये। उसकी काउसलिंग व दस्तावेज सत्यापन के पश्‍चात् उसे दिनांक 30.08.2024 को आदेश से राजकीय मेडिकल कॉलेज, चुरू अस्थाई रूप से आवंटित किया गया।

इस आदेश के अनुसरण में प्रार्थियां द्वारा निर्धारित फीस भी जमा करवा दी गई। उसके बाद विभाग द्वारा उसे मौखिक रूप से सूचित किया गया कि चूंकि उसके माध्यमिक शिक्षा व उच्च माध्यमिक शिक्षा की अंक तालिका में नाम मुदिता मालावत है व उसके जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र व राशन कार्ड में नाम मुदिता मीणा है अतः उसका सीट आवंटन जो राजकीय मेडिकल कॉलेज, चुरू किया गया था उसे निरस्त किया जाता है।

विभाग के इस कृत्य से व्यथित होकर प्रार्थियां से अपने अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा के माध्यम से एक रिट याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। उच्च न्यायालय के समक्ष उसके अधिवक्ता का तर्क था कि प्रार्थियां द्वारा कोई दस्तावेजों को छुपाया नहीं गया है। उसके नीट परीक्षा में आवेदन मुदिता मीना के नाम से ही किया है क्योंकि उसके सभी दस्तावेजात में नाम मुदिता मीना ही है केवल दसवीं व बारहवीं की अंक तालिका में उसका नाम मुदिता मालावत है व मालावत उसका गौत्र है जो मीना जाति में ही आता है परन्तु विभाग द्वारा उसका प्रवेश मौखिक रूप से प्रवेश निरस्त किया जो अनुचित है। साथ ही उसके द्वारा इस संदर्भ में एक शपथ पत्र की नीट परीक्षा 2024 आयोजित करने वालों के समक्ष पेश किया कि मुदिता मीना व मालावत एक ही है। इनमें कोई भेद नहीं है व भविष्‍य में किसी प्रकार का विवाद होगा तो उसकी जिम्मेवार वह स्वयं होगी। उसके द्वारा जाति में मालावत की जगह मीणा करने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर से भी निवेदन किया गया है जो वर्तमान में प्रगति पर है।

नीट परीक्षा आयोजित करवाने वाली केन्द्रीय एजेंसी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता का यह तर्क था कि जिसने भी नीट 2024 में भाग लिया है उन्हें त्रुटि सुधार के लिए समुचित अवसर प्रदान किये गये मगर प्रार्थीनी द्वारा उसका लाभ नहीं उठाया गया। अतः अब वह किसी प्रकार के लाभ प्राप्त करने की हकदार नहीं।

प्रार्थीनी के अधिवक्ता के तर्को से सहमत होते हुए एकल पीठ में मुदिता मीना की रिट याचिका को अंतरिम रूप से विचारार्थ स्वीकार करते हुए नीट परीक्षा 2024 के आयोजनकर्ता केन्द्रीय सरकार व राज्य सरकार को नोटिस जारी किये व प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज चुरू को प्रार्थीनी के अस्थाई आवंटन पत्र दिनांक 30.08.2024 के तहत ही निर्बाध रूप से अध्ययन करवाने व उसका रिजल्ट न्यायालय के आदेश बिना जारी नहीं करने का आदेश पारित किया व साथ ही समय रहते अपने नाम में संशोधन करवाने की छूट भी प्रदान की।

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