Thursday, June 25, 2026
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नीट-2019 को लेकर हाईकोर्ट का आदेश, अभिभावक भी लगा रहे गंभीर आरोप…

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जयपुर abhayindia.com हाईकोर्ट ने नीट-2019 के जरिए एमबीबीएस में प्रवेश के मामले में राज्य सरकार को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में मॉप-अप राउंड के बाद खाली रही सीटों को कॉलेज वार अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करते हुए सार्वजनिक करने को कहा है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि स्टूडेंट को भी 3-4 दिन का समय दिया जाए जिससे कि वे मेरिट के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश ले सकें।

आपको बता दें कि कोर्ट ने यह आदेश मंगलवार को फाल्गुनी सैनी की याचिका का निपटारा करते हुए दिया। याचिका में कहा कि एमबीबीएस में प्रवेश के लिए इस बार मॉप-अप राउंड के बाद भी खाली सीटों को भरने के लिए कॉलेज स्तर पर भी मॉप-अप राउंड किया जा रहा है। याचिका में कहा कि कॉलेज स्तर पर मोप-अप राउंड से कॉलेजों को सीट आवंटित करने का अधिकार दे दिया है, लेकिन मेडिकल कॉलेज मॉप-अप राउंड के बाद खाली रही सीटों को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। इसके चलते स्टूडेंट को यह नहीं पता चल रहा कि किस कॉलेज में कितनी सीटें खाली रह गई हैं, इसलिए मेडिकल कॉलेजों में खाली रही सीटों को सार्वजनिक कराया जाए।

इधर, अभिभावकों का कहना हे कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार एक भी बच्‍चा एक से अधिक सीट्स नही रोक सकता। कोई भी सैकण्ड राउण्ड से मिली सीट को ज्‍वॉइन करने के बाद छोड़ नही सकता। ये गाइड लाइन इस तरह से डिजाइन की है ताकि मोप अप तक कोई सीट बचे ही नहीं, लेकिन इन्होंने ऐसी काउंसलिंग की है ज्यादा से ज्यादा सीट मोप अप राउण्ड में बच जाये और जमकर भ्रष्टाचार करे। जानबूझकर इन्‍होंने सीट ब्लाक की और छह दिनों तक रिजल्ट में विलंब किया गया था, यदि चाहते तो हठधर्मिता छोड़ कर आफलाइन करवा कर दो दिन में सही रिजल्ट बना सकते थे।

इस बीच, प्रदेश के चिकित्‍सा मंत्री रघु शर्मा ने नीट के मामले में कहा है कि नीट मामले में मुझे काफी आपत्तियां मिली हैं और नियमों के तहत सही तरीके से काउंसलिंग करानी चाहिए।

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