





जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवाओं को रोजगार देकर उनके सपनों को साकार करना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी भर्तियों को निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से नियत समय में पूरा कराने के लिए हम कृतसंकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सवा साल के अल्प कार्यकाल में ही 5 रोजगार मेलों का आयोजन कर अब तक 67 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दे चुकी है। भविष्य में हर तीन माह में ऐसे मेलों का आयोजन कर युवाओं को नियुक्ति का तोहफा दिया जाएगा।
शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर लंबित एवं प्रक्रियाधीन भर्तियों की स्थिति के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में 1 लाख 88 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती विज्ञापन जारी करने, परीक्षा आयोजित करने, परिणाम घोषित करने तथा दस्तावेजों की जांच करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को निर्बाध गति से पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और कार्मिक लगाकर शीघ्र से शीघ्र नियुक्तियां प्रदान की जाए।
न्यायालय में लंबित लगभग 9 हजार 800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने लंबे समय से न्यायालय में लंबित लगभग 9 हजार 800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावी पैरवी करवाकर आगे बढ़ाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में लंबित अन्य भर्ती प्रकरणों का भी विधिवत परीक्षण करवाकर उनका शीघ्र निस्तारण करवाया जाए, जिससे राज्य के युवाओं के रोजगार का इंतजार जल्द से जल्द खत्म हो सके।
आगामी वर्षों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर करें भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में मानव संसाधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आवश्यक है कि सभी विभाग आगामी वर्षों की आवश्यकता तथा भविष्य में खाली होने वाले पदों को ध्यान में रखकर भर्तियां आयोजित करें। उन्होंने इन भर्तियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए सभी विभागों को मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए।
समयबद्ध रूप से आयोजित हो भर्ती परीक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में यह आवश्यक है कि जनता का अपने जनप्रतिनिधियों पर विश्वास मजबूत हो। हमारे संकल्प पत्र में की गई सभी घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने यहां रिक्त पदों पर समयबद्ध रूप से भर्ती करें। शर्मा ने कहा कि एक जैसे पदों के लिए अलग-अलग विभागों में अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं का आयोजन होने से अतिरिक्त समय, संसाधन और श्रम लगता है। इसे देखते हुए समान पदों के लिए समान पात्रता लागू करने के लिए नियमों में एकरूपता लायी जाए।
शर्मा ने नवगठित जिलों में भी पद सृजित कर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़ी भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा केन्द्रों की कमी की समस्या को दूर करने के लिए अनुपयोगी कॉलेज भवनों को परीक्षा केन्द्र में परिवर्तित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी भास्कर ए सावंत, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, आरपीएससी एवं आरएसएसबी के अधिकारी उपस्थित रहे।





