Wednesday, May 27, 2026
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जेके लोन अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक एवं वेस्कुलर सर्जरी इकाई शुरू, हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी पहल

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जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को आरयूएचएस अस्पताल परिसर में आयोजित स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ समारोह में जेके लोन अस्पताल में नवनिर्मित कार्डियोथोरेसिक एवं वेस्कुलर सर्जरी इकाई का लोकार्पण किया। समारोह के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने जेके लोन अस्पताल पहुंचकर इस इकाई का अवलोकन किया।

खींवसर ने कहा कि बच्चों को हृदय रोग से सम्बंधित उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में जेके लोन अस्पताल में प्रदेश की पहली पीडियाट्रिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) इकाई प्रारंभ की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जन्मजात एवं अर्जित हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए यह इकाई एक जीवनदायिनी पहल सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह इकाई प्रदेश के बच्चों के स्वस्थ भविष्य और उनके सपनों की सुरक्षा का आधार बनेगी।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत इस इकाई की स्थापना की गई है। करीब 20 करोड़ रूपए से निर्मित यह इकाई अत्याधुनिक उपकरणों के साथ टर्नकी आधार पर विकसित की गई है। बाल हृदय रोगियों की देखभाल और उपचार हेतु समर्पित इस अत्याधुनिक यूनिट में एक कैथ लैब एवं एक ऑपरेशन थियेटर स्थापित है। कुल 80 बैड की क्षमता वाली इस इकाई में 5 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट, 10 बेड की इंटेंसिव केयर यूनिट एवं अतिरिक्त 65 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड वार्ड शामिल हैं। इससे हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए अब प्रदेशवासियों को अन्य राज्यों या दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि राज्य सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है, जिससे यह इकाई राजस्थान में तृतीयक स्तर की बाल हृदय चिकित्सा को मजबूती प्रदान करेगी। साथ ही, यह भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित होगी।

इस अवसर पर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रोली सिंह, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इक़बाल खान, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव, एसएमएस मेडिकल के कॉलेज के प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

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