





बीकानेर Abhayindia.com जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि की सख्ती के बाद एक्शन में आये बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने गुरूवार को बड़ी कार्यवाही करते हुए मुक्ता प्रसाद नगर में कब्जा माफियाओं के अवैध निर्माण सीज कर दिये। कार्यवाही के तहत बीकानेर विकास प्राधिकरण की तहसीलदार आकांक्षा गोदारा की ओर से करोड़ों की जमीन पर अवैध रूप से बने तमाम भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिये गये है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर सीज किये गये परिसर में किसी ने प्रवेश किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। इस मामले में कब्जा माफियाओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने की तैयारी चल रही है। वजह यह कि कब्जा माफियाओं ने भूखण्डों की रजिस्ट्रियां तो खसरा नंबर 751 में करवाई जबकि मौके पर अवैध निर्माण खसरा नंबर 749 में करवा लिये।
जानकारी में रहे कि मुक्ता प्रसाद नगर में आवासन मंडल की करीब सोलह करोड़ की जमीन पर कब्जों और अवैध निर्माण का मामला प्रेस रिपोर्टर मुकेश पूनिया से उजागर किया था। दरअसल, मुक्ताप्रसाद नगर में हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर रसूखदार भू-माफियाओं ने कब्जा कर प्लॉट काट दिए। मौके पर निर्माण भी हो गये। जबकि हाउसिंग बोर्ड के नक्शे में यह जमीन प्राइमरी स्कूल और डिस्पेंसरी के लिये आवंटित की गई थी।
इस मामले को लेकर हाउसिंग बोर्ड की ओर से संभागीय आयुक्त, कलेक्टर, एसपी, यूआईटी सचिव को पत्र भी लिखे गए, लेकिन प्रभावशाली कब्जा माफियाओं के दबाव में अधिकारियों कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की शिकायत जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि तक पहुंची तो उन्होने जमीन का सीमांकन के लिये बीकानेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कमेटी गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में जमीन पर कब्जे कर अवैध निर्माणों की पुष्टी होने के बाद गुरूवार को तमाम अवैध निर्माण सीज कर दिये।
आपको बता दें कि बीकानेर विकास प्राधिकरण की इस कार्यवाही के बाद कब्जा माफिया में हडक़ंप सा मचा हुआ है। दरअसल, उपनिवेशन विभाग ने हाउसिंग बोर्ड को 551 बीघा 18 बिस्वा जमीन कीमतन आवंटित की थी। हाउसिंग बोर्ड ने 12 जुलाई, 84 को 507 बीघा 1 बिस्वा का कब्जा ले लिया। हाउसिंग बोर्ड की ओर से कीमतन लिए गए खसरों की कुछ जमीन यूआईटी ने रूपांतरित कर 90ए, 90बी कर दी। इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं होने का फायदा उठाकर भू-माफिया ने मुक्ताप्रसाद नगर में अवैध कब्जे कर अवैध निर्माण कर लिये और जमीन पर हरियाली के लिये लगाये गये हरेभरे पेड़ भी काट दिए।





