Saturday, April 25, 2026
Homeराजस्थानभाजपा नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों में एफआर

भाजपा नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों में एफआर

AdAdAdAdAdAdAd

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश में दो मंत्रियों सहित भाजपा के एक दर्जन नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों में अंतिम सूचना रिपोर्ट (एफआर ) लगा दी गई है, जबकि कांग्रेस सहित विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में जांच की तलवार अब भी लटक रही है। मीडिया में राज्य के गृह विभाग के हवाले से चल रही खबरों के मुताबिक राजस्थान पुलिस की अपराध शाखा ने ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही को थप्पड़ मारने के मामले में श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. जसवंत यादव, गोपालन मंत्री ओटाराम देवासी, भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत, मानवेन्द्र सिंह, मानसिंह गुर्जर, बच्चू सिंह सहित एक दर्जन विधायकों और नेताओं के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में एफआर लगा दी गई है।

इनके अलावा हाल में विधानसभा में भाजपा का समर्थन करने वाले निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह भींडर के खिलाफ दर्ज एक मामले में भी एफआर लगाई गई है। इन सभी मामलों को झूंठा मानते हुए परिवादियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश सीआईडी (सीबी) ने की है। उधर, राजस्थान प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक अशोक चांदना के खिलाफ दर्ज मामलों में जांच लंबित रखी गई है। कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह, महेन्द्रजीत सिंह मालवीय और भजनलाल सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में भी जांच लंबित रखने की बात सामने आई है।

गौरतलब है कि जसवंत यादव के खिलाफ 9 दिसम्बर 2015 को बहरोड़ में ट्रैफिक पुलिस के सिपाही को थप्पड़ मारने का आरोप है। कांस्टेबल ने यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विधायक से जुड़ा मामला होने के कारण जांच सीआईडी (सीबी) को सौंप दी गई। सीआईडी (सीबी) ने मामले को अनट्रेस मानते हुए एफआर लगाने का निर्णय कर लिया। यादव उस समय मंत्री नहीं बने थे। इसी तरह गोपालन मंत्री ओटाराम देवासी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और एक व्यक्ति का कियोस्क हटवाने के दो प्रकरण दर्ज किए गए थे। सीआईडी (सीबी) ने इन दोनों मामलों को झूठा बताते हुए परिवाद दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। भाजपा विधायक फूलचंद भींडा के खिलाफ भी जांच लंबित रखी गई है।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!