






जयपुर Abhayindia.com कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि खरीफ फसल बुवाई मौसम 2026-27 के मद्देनजर किसानों को समय पर मानक गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद-उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 29 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विशेष रूप से अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि एवं औद्योगिक उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने हेतु व्यापक निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, POS मशीन में दर्ज विवरण तथा वास्तविक उपलब्धता का मिलान किया जायेगा ताकि किसी भी प्रकार कि अनियमित्ता या गड़बड़ी को तुरंत चिन्हित किया जायेगा।
उन्होंने बतया कि उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय परिसरों एवं गोदामों में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक का पोइंट ऑफ सेल मशीन (POS) में दर्ज स्टॉक से सत्यापन किया जाायेगा। निरीक्षण के दौरान यदि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठौर कार्यवाही की जायेगी।
अभियान के तहत जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि द्वारा उप जिला एवं खण्डीय निरीक्षकों को अलग-अलग क्षेत्र आवंटित कर औद्योगिक इकाइयों, उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों तथा गोदामों का सघन निरीक्षण कराया जाा रहा है। निरीक्षक दल प्रत्येक इकाई से उपलब्ध यूरिया (एग्रीकल्चरल एवं टेक्नीकल) के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में विश्लेषण हेतु भेजेंगे, ताकि गुणवत्ता की सुनिश्चितता की जा सके।
कृषि विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभियान को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्यवाही करें, ताकि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध हो सके और कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो।


