






वर्ल्ड डेस्क Abhayindia.com अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच समझौते की बात चलने की खबरें सामने आने के बाद अब ईरान की ओर से एक बड़ा बयान जारी किया गया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को लेकर अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान इस क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है। गालिबफ ने एक्स पोस्ट में कहा- हम इस क्षेत्र में अमेरिका की सभी गतिविधियों, खासकर सैनिकों की तैनाती पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ईरान के इस वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों को उनके नेतृत्व द्वारा गुमराह किया जा रहा है और उन्हें मौजूदा क्षेत्रीय नीतियों के दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
स्पीकर ने कहा- जो जनरलों ने बिगाड़ा है, उसे अमेरिका या इजराइल के सैनिक ठीक नहीं कर सकते। इसके बजाय, वे नेतन्याहू के भ्रम का शिकार बन जाएंगे। वहीं, राष्ट्रीय संप्रभुता पर तेहरान के रुख को दोहराते हुए गालिबफ ने ऐसी किसी भी कार्रवाई के प्रति आगाह किया जिससे ईरान की ओर से सैन्य जवाबी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा- हमारी जमीन की रक्षा करने के हमारे संकल्प की परीक्षा न लें।
आपको बता दें कि यह चुनौती भरा बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सैन्य तनाव बढ़ने की खबरें आ रही हैं। एक तरफ ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी ईरान के साथ बातचीत चल रही है और संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है। वहीं, इस दावे के बावजूद यह खबरें सामने आई हैं कि पेंटागन और खतरनाक सैनिकों को मध्य पूर्व में तैनात करेगा। एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि अभी लगभग 1,500 सैनिकों को तैनात किया जा सकता है।


