






जयपुर Abhayindia.com सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि वर्तमान में प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत 91 लाख 6 हजार 925 लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि सभी श्रेणी के पात्र एवं सत्यापित पेंशन लाभार्थियों की दिसम्बर 2025 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही, जनवरी 2026 के बिल बना कर ईसीएस के लिए भेज दिए गए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गहलोत प्रश्नकाल के दौरान सदस्य डॉ. जसवन्त सिंह यादव द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे खाते जिनमें बैंक अकाउंट और जनाधार के नाम में भिन्नता थी या अकाउंट स्वत: अपडेट नहीं हो रहे थे, उन्हें भी जिला स्तर पर सूचना प्राप्त कर अपडेट किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अकाउंट अपडेट होते ही 31 मार्च 2026 तक डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विभिन्न कारणों से विगत 3 वर्षों की बकाया राशि लगभग 6 करोड़ रुपये का भुगतान भी 31 मार्च तक कर दिया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे पात्र वृद्धजन जो किसी कारण से पेंशन वेरीफिकेशन नहीं करा पाते हैं, उनके लिए राज्य सरकार जल्द ही एक पोर्टल बना कर लाभान्वित करने की दिशा में प्रयास करेगी।
आईएफएससी कोड बदलने के कारण नहीं अटकेगी पेंशन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि बैंकों के विलय होने के कारण आईएफएससी कोड बदले हैं। इस कारण 11 लाख लाभार्थियों की लम्बित पैंशन में से लगभग 10.5 लाख (95%) लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान कर दिया गया है। शेष लाभार्थियों की पेंशन राशि का भुगतान भी 31 मार्च 2026 तक कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भविष्य में आईएफएससी कोड बदलने के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन से वंचित न रहे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के साथ चर्चा कर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से बैंकों के विलय के कारण आईएफएससी कोड बदलने की सूचना यथाशीघ्र जन आधार पोर्टल के माध्यम से पेंशन पोर्टल पर अद्यतन किए जाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
इससे पहले विधायक डॉ. यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र बहरोड में गत 5 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत पेंशन से लाभान्वित वृद्धजन श्रेणी के लाभार्थियों का वर्षवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र बहरोड में पेंशन पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन योजना में 557 प्रकरण लंबित हैं।
गहलोत ने बताया कि राजएसएसपी पोर्टल पर पेंशन आवेदन सम्बन्धित सत्यापन अधिकारी के स्तर पर 30 दिन एवं स्वीकृतिकर्ता अधिकारी स्तर पर 15 दिन में निस्तारित किये जाने की प्रक्रिया सतत रूप से क्रियान्वित है। कोई भी प्रकरण 45 दिन से अधिक अवधि के पश्चात लंबित नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि पात्र पाये जाने पर आवेदन स्वीकृत किया जाता है एवं अपात्र पाये जाने पर आवेदन निरस्त किया जाता है।
मंत्री गहलोत ने बताया कि पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक भौतिक सत्यापन में बायोमेट्रिक के अभाव में लाभार्थी संबंधित स्वीकृतकर्ता अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वयं के आधार पंजीकृत मोबाइल नं. पर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करवा सकता है। साथ ही, पेंशनर्स के आधार पंजीकृत मो. नं. के अभाव में संबंधित स्वीकृतिकर्ता अधिकारी द्वारा स्वयं के आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से भी पेंशनर्स का सत्यापन कर सकता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन विभिन्न कारणों यथा जन आधार में गलत प्रविष्टि, गलत बैंक खाता विवरण, आई.एफ.एस.सी. कोड की त्रुटि, परिवार की आय विवरण की प्रविष्टि न होना एवं विधवा पुनर्विवाह की स्थिति आदि के कारण भुगतान लंबित रहता है। ऐसे प्रकरणों में पेंशन लाभार्थियों द्वारा ऑनलाइन त्रुटि सुधार करवाकर सत्यापन के बाद पेंशन भुगतान मय एरियर ई.सी.एस. (हस्तांतरण) उनके बैंक खातों में किया जाता है।


