






बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में मंगलवार को पुष्करणा समाज के सामूहिक विवाह सावे-2026 की धूम मची है। एक ही दिन में बड़ी संख्या में शादी समारोह हो रहे है। इससे सारा शहर बारातघर के रूप में तब्दील हो गया है। शहरी परकोटे के अंदर हर चौक, मोहल्ला रौनक से सराबोर है। हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल है। विवाह गीतों की सुर लहरियों के बीच विष्णुभेष में पहुंच रहे दूल्हों का जगह-जगह स्वागत हो रहा है। उपहार दिए जा रहे हैं। इस बार अनूठी बात यह रही कि दूल्हों का आगमन शाम ढलने के बाद शुरू हो सका। दूल्हों को निहारने के लिए लोग पलक पावड़े बिछाए लंबा इंतजार करते नजर आए।


आपको बता दें कि आमतौर पर बारात में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचता है, लेकिन पुष्करणा समाज के विवाह सावे में दूल्हा नंगे पैर बारात लेकर ससुराल जाता हैं। वह सूट-बूट की जगह केवल बनियान पहने होता हैं। सिर पर खिडकिया पाग पहनी होती है। इस सावे में दूल्हा जहां विष्णु स्वरूप माना जाता है, दुल्हन लक्ष्मी स्वरूपा मानी जाती है। बैंड-बाजा की जगह शंख की ध्वनि और मांगलिक गीत गूंजते हैं। सावा देखने के लिए देश भर से समाज के लोग बीकानेर आते हैं। पुष्करणा सावे में मांगलिक रस्म ‘खिरोड़ा’ होती है जिसमें पापड़ पढ़े जाते है। महिलाएं शुभ मुहूर्त में बड़ पापड़ तैयार करती हैं। इनको कुमकुम से चित्रकारी से सजाती भी है। विवाह की रस्मों में वधू पक्ष की ओर से खिरोड़ा वर पक्ष के यहां पहुंचाया जाता है। वर पक्ष के यहां पूजन कार्यक्रम सम्पन्न होते है। गोत्राचार होता है।


