






जयपुर Abhayindia.com विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि प्रदेश के वकील समुदाय के लिए चैंबर सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय में वर्ष 2018 से लगातार अनेक रिट पीटिशन विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधन तथा जमीन की उपलब्धता के अनुसार राज्य सरकार प्रदेश के वकील समुदाय तथा न्यायालयों के इंफ्रास्ट्रकचर का विकास करेगी।
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य डॉ. सुभाष गर्ग द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को आशवस्त करते हुए कहा कि न्यायालयों में विचाराधीन रिटों के निर्णय तथा संभाग स्तर के समस्त न्यायालयों को आवश्यक सुविधाएं देने की दिशा पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी और संसाधनों की उपलब्धतानुसार शीघ्र इस पर निर्णय लेगी।
इससे पहले विधायक डॉ. गर्ग के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में विधि एवं विधिक कार्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भरतपुर संभाग मुख्यालय पर लगभग 1600 अधिवक्तागण पंजीकृत है। भरतपुर मुख्यालय पर पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 140 अधिवक्ताओं को बैठने के लिए 35 चैम्बर्स उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि वंचित अधिवक्ताओं को चैम्बर्स उपलब्ध करवाने से संबंधित प्रकरण डी.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 3651/2020 के साथ जुड़ी डी.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 2428/2018 राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। वंचित अधिवक्ताओं के चैम्बर्स निर्माण का मामला न्यायालय के निर्णय के अध्यधीन है। उच्च न्यायालय के निर्णय उपरान्त राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के चैम्बर्स निर्माण के लिए विचार किया जा सकेगा।


