Saturday, April 25, 2026
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खेजड़ी को लेकर बीकानेर में महापड़ाव की तैयारियां तेज, गली-गली निकल रही रैलियां…

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बीकानेर Abhayindia.com राज्य वृक्ष खेजड़ी को संरक्षण की मांग को लेकर बीकानेर में जिला कलेक्‍ट्रेट पर 2 फरवरी को प्रस्‍तावित महापड़ाव को लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है। इसी क्रम में आज पूर्व पार्षद गुड्डी देवी बिश्‍नोई, सामाजिक कार्यकर्त्‍ता रामरतन डेलू की अगुवाई में जंभेश्‍वर नगर, मुरलीधर व्‍यास कॉलोनी, करमीसर आदि क्षेत्रों में जन चेतना रैली निकाली गई। रैली में शामिल महिलाओं ने राज्‍य वृक्ष खेजड़ी की महिमा को प्रतिपादित करने वाले भजन गाए।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद गुड्डी देवी बिश्‍नोई ने कहा कि खेजड़ी हमारी रक्षा कवच है। हम इसे किसी भी हाल में कटने नहीं देंगे। हाल में सरकार ने कानून में बदलाव कर सिर्फ एक हजार रुपए जुर्माना किया है। यह बहुत कम है। कम से कम एक लाख रुपए करने की मांग पर्यावरण प्रेमी कर रहे हैं। कम जुर्माने में तो कोई भी काटने लग जाएगा। खास तौर से सोलर कंपनियां इस जुर्माने को भर देंगीं। इससे खेजड़ी का सरंक्षण नहीं हो सकेगा।

महापड़ाव से पहले सद्बुद्धि यज्ञ

अखिल भारतीय विश्नोई कमांडो फोर्स के अध्यक्ष पुखराज खेड़ी ने बताया कि फोर्स की अगुवाई में यज्ञ का आयोजन किया गया है. दो फरवरी को बीकानेर में महापड़ाव से पहले यह आयोजन किया गया है, जिससे सरकार इस विषय पर गौर कर कानून में बदलाव करेंं। खेड़ी ने बताया कि खेजड़ी की उम्र 50 साल से ज्यादा होती है, लेकिन सोलर इंडस्ट्रीज इनको काट रही हैं। कम मुआवजा से संरक्षण नहीं हो सकता।

100 रुपए था पहले जुर्माना

राजस्थान टेनेंसी एक्ट 1955 की धारा 80 से 86 तक खेतों में मौजूद वृक्षों को लेकर प्रावधान किए गए हैं, जिसमें वृक्ष काटने पर सिर्फ 100 रुपए का जुर्माना है। दोबारा काटने पर 200 रुपए का अधिकतम जुर्माना है। इसमें सालों बाद भी बदलाव नहीं हुआ था। हाल ही में खेजड़ी को लेकर आंदोलन और कानून बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। इसके बाद जुर्माना एक हजार रुपए कर दिया गया, लेकिन पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध कर रहे हैं।

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