






जयपुर Abhayindia.com राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इन दिनों एक्टिव मोड पर है। आज उनके सोशल मीडिया पर उनके एक बयान की जमकर चर्चा हो रही है। इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे है। आपको बता दें कि जोधपुर से जैसलमेर के मोहनगढ़ के लिए रवाना होने से पहले पूर्व सीएम राजे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि राजस्थान हम सबका परिवार है। मेरी कामना है कि यहां सभी लोग खुशहाल रहें। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन समाज और परिवार की तरह आपसी मेल-जोल और सद्भावना सबसे बड़ा आधार है। अगर हम लड़ेंगे तो प्रॉब्लम होगी, लेकिन साथ रहेंगे तो समस्याएं हल हो सकती हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजे ने बाबा रामदेव, रामसा पीर और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत बाबा रामसा पीर के दर्शन से हुई थी। मुझे पहला आशीर्वाद देवता से मिला, फिर सभी समाज का समर्थन मिला। मैं विश्वास के साथ कह सकती हूं कि रामसा पीर में हर किसी की मनोकामना पूरी होती है। समय लग सकता है, लेकिन विश्वास डगमगाना नहीं चाहिए।
आपको यह भी बता दें कि पूर्व सीएम राजे के बयान इससे पहले भी चर्चा में रहे। उन्होंने गत 28 अगस्त को धौलपुर में कथावाचक मुरलीधर महाराज की राम कथा के दौरान कहा था कि आजकल की दुनिया बड़ी अजीब है। जिसे अपना समझा, वही पराया हो जाता है। लेकिन परिवार के लिए हर किसी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में परिवार की बहू, मां, बेटी को अपना काम करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि वनवास सिर्फ भगवान राम की जिंदगी का हिस्सा नहीं है। हर इंसान के जीवन में वनवास आता है, लेकिन वह स्थायी नहीं होता। रामजी ने हमें धैर्य का महत्व सिखाया है। दुनिया में कोई चीज स्थायी नहीं है, इसलिए मन में गठान बांधने की जरूरत नहीं।


