Saturday, April 25, 2026
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भारत बंद : एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ रेलें रोकी, विरोध प्रदर्शन

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नई दिल्ली/जयपुर/बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ देशभर के कई राज्यों में सवर्ण लामबंद होने लगे हैं। इस एक्ट में किए गए संशोधन को लेकर कई संगठनों ने आज भारत बंद बुलाया है। बंद का सबसे अधिक असर मध्यप्रदेश और बिहार में देखा जा रहा है। राजस्थान के अनेक जिलों में सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा पसरा है। बीकानेर में भी बंद का असर नजर आ रहा है। मुख्य बाजार बंद है।

बिहार में कई जिलों में लोगों ने सड़कों और नेशनल हाइवे को जाम कर दिया है। सवर्णों ने आरा रेलवे स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को रोक दिया गया है। इसके अलावा यूपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है। राजस्थान में भी कई स्कूल, कॉलेज और मॉल को बंद कर दिया है। बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन विरोध प्रदर्शनों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

अब तक की अपडेट

-बिहार में कई जिलों में दुकानें बंद, आरा में सवर्णों ने ट्रेनें रोकीं

-बिहार के मुंगेर और दरभंगा में भी प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोकीं

-वाराणसी में लोगों ने पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन किया

-मध्यप्रदेश के कई जिलों में हाई अलर्ट, सुरक्षाबलों की कंपनियां तैनात

-मुरैना में लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कारोबार बंद रखा

-शिवपुरी में भी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी। दतिया में सड़कों पर सन्नाटा पसरा

ये था आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए एससी/एसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया था। इसके अलावा एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी की बजाय पुलिस को सात दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे एक्शन लेना चाहिए।

एक्ट में संशोधन पारित किया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटते हुए एससी/एसटी एक्ट को वापस मूल स्वरूप में बहाल कर दिया। हाल ही में ये संशोधित एससी/एसटी (एट्रोसिटी एक्ट) फिर से लागू किया है। अब फिर से इस एक्ट के तहत बिना जांच गिरफ्तारी संभव हो गई।

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