राजस्थान का रण जीतने के लिए शाह के ये 10 रत्न हुए सक्रिय

Amit Shah
BJP Chief Amit Shah file photo

सुरेश बोड़ा/जयपुर/बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान विधानसभा का आगामी चुनाव जीत कर एक बार फिर सत्तासीन होने के सपना पूरा करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खास १० रत्न प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं। पार्टी ने इन नेताओं को आपसी समन्वय बैठाकर अलग-अलग टास्क पूरा करना है। इनमें पांच नेता जहां राजस्थान से ही हैं और यहां की राजनीति में रचे-बसे हैं। इनमें से चार नेता केन्द्रीय राजनीति में हैं, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सांसद ओम बिरला और सतीश पूनियां शामिल हैं।

इनके अलावा पांच नेता चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुंधाशु त्रिवेदी, राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री वी. सतीश और संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर प्रदेश के बाहर के हैं, लेकिन सतीश, चन्द्रशेखर और खन्ना पहले से प्रदेश में ही संगठन को मजबूती देने का टॉस्क संभाले हैं। प्रदेश की भाजपा की चुनावी समर की राजनीति का लगभग सारा दारोमदार इन्हीं के कंधों पर टिका रहेगा। चुनाव के दौरान टिकटों को लेकर रायशुमारी से लेकर असंतुष्टों को राजी करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने सहित पार्टी की आगामी अन्य गतिविधियों के संचालन का काम रहेगा।

प्रकाश जावड़ेकर : नेताओं के बीच आपसी समन्वय बैठाकर विधानसभा वार ले रहे हैं फीडबैक। टिकट वितरण के बाद बगावती तेवर दिखाने वाले नेताओं को मनाने का काम उन्हें जिम्मे होगा।

ओम प्रकाश माथुर : प्रदेश में भाजपा से नाराज चल रहे या निष्क्रिय हुए उन कार्यकर्ताओं को मना कर फिर से सक्रिय करने में लगे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह को सीधी रिपोर्ट और सुझाव दे रहे हैं।

शेखावत-मेघवाल-खन्ना-पूनियां : चुनावी प्रबन्धन की पूरी रणनीति उनका टास्क है। वे जिलों में जाकर नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने, परिस्थितियों के अनुसार जिताऊ संभावित प्रत्याशियों की सूची बनाने, कार्यकर्ताओं के काम की रिपोर्ट लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश देने में लगे हैं।

बिरला-सुधांशु : प्रदेश की मीडिया टीम को कोर्डिनेट करने की जिम्मेदारी निभा रहे। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की मीडिया सैल की कमान संभालेंगे।

वी. सतीश- चन्द्रशेखर : आम कार्यकर्ता की बात सुनकर उनसे आने वाले फीडबैक को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने, संगठन और संघ में संवाद कायम करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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