घर सा अहसास कराता है सीएम राजे का लग्जरी रथ, जानिये विशेषताएं…

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा का आगाज (फाइल फोटो)
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा का आगाज (फाइल फोटो)

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेश में राजस्थान गौरव यात्रा पर निकली सीएम वसुंधरा राजे का लग्जरी बसनुमा रथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त है तथा अंदर से ये घर सा अहसास कराता है। राजे ने इसी रथ पर सवार होकर अपनी 40 दिनों की गौरव यात्रा कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजा-महाराजाओं के रथों से इतर इस आधुनिक रथ में वातानुकूलन की सुविधा है, यानी कि रथ में एयर कंडीशन लगे हैं, यहीं नहीं सुविधा के मामले में इस बस में बाथरूम और लिफ्ट भी है। अशोक लेलैंड कंपनी की इस 407 बस में एक खुली छत भी है। इस छत के जरिये सीएम वसुंधरा यात्रा के दौरान रैलियां और जनसभाएं कर रही हैं।

इस लग्जरी बस में इंजीनियरिंग का वो कमाल है जिसके जरिये बस का ऊपरी हिस्सा खुल जाता है, और एक स्टैंडनुमा ढांचा बाहर आता है। इस स्टैंड के जरिये सीएम लोगों से रुबरू होती है। प्रदेश के तपिश और उमस भरे मौसम को देखते हुए बस में उनके लिए सारी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। सीएम को इस बस में 40 दिन गुजारने हैं, लिहाजा इसकी डिजाइनिंग इस तरह की गई है कि वे इसके अंदर घर जैसा ही महसूस कर सकें।

फिर चारभुजा से किया आगाज

65 साल की सीएम वसुंधरा राजे ने गत चार अगस्त को राजसमंद के प्रतिष्ठित श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर से पूजा अर्चना के बाद गौरव यात्रा की शुरुआत की। सीएम का इस मंदिर के साथ विशेष्ज्ञ लगाव है। जब वह 18 साल पहले पहली बार राज्य की सीएम बनीं थी, तब भी अपने चुनाव अभियान की शुरुआत इसी चारभुजा मंदिर से की थी। कैबिनेट मंत्री अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि यह स्थान मेवाड़ क्षेत्र की गौरव गाथा से जुड़ा हुआ है। यह वीरता, इतिहास और भक्ति का प्रतीक है, इसलिए सीएम यहां आती हैं।

इकलौता ऐसा मंदिर है

गौरतलब है कि चारभुजा मंदिर प्रदेश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां के पुजारी जानवरों का पालन-पोषण करने वाले पारंपरिक गुज्जर हैं। जब वसुंधरा राजे पिछली बार राज्य की सीएम थीं तो उस वक्त गुज्जरों ने आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन किया था।

हरियाली अमावस्या (11 अगस्त) पर राशिनुसार ऐसे करें शिव आराधना