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फेरबदल के दौरान हटाए गए तीन मंत्री राजस्‍थान विधानसभा की कमेटियों में समाहित

जयपुर Abhayindia.com प्रदेश की गहलोत सरकार में हुए फेरबदल के दौरान हटाए गए तीनों मंत्रियों को राजस्थान विधानसभा की कमेटियों में समाहित किया गया है। विधानसभा साल 2022-23 के लिए 22 समितियों का गठन होना था, जिसमें से तीन समितियों को छोड़कर बाकी समितियों में सभापति और सदस्यों का मनोनयन विधानसभा अध्यक्ष की ओर से किया गया।

आपको बता दें कि तीनों हटाए गए मंत्रियों को प्रमुख स्थान देने के लिए ही राजकीय उपक्रम समिति, प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति, अधीनस्थ विधान सम्बन्धी समिति का गठन नहीं किया गया था। 28 जून से 1 जुलाई के बीच इन तीनों समितियों को गठन हुआ। इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा को राजकीय उपक्रम समिति का सभापति बनाया गया। वहीं, पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और पू्र्व राजस्व मंत्री हरीश चौधरी को सदाचार कमेटी में सदस्य मनोनीत किया गया है। प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति में आठ सदस्यों का मनोनयन हुआ है। इसमें विनोद कुमार को सभापति बनाया गया है। अधीनस्थ विधान सम्बन्धी समिति में नौ सदस्य होंगे। इसमें नरेन्द्र बुढानिया को सभापति बनाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने विधानसभा के आठ अन्य सदस्य, जिन्हें अभी तक किसी समिति में नहीं लिया गया था, उन्हें भी समाहित किया है। रफीक खान और नारायण सिंह देवल को स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं सम्बन्धी समिति में सदस्य बनाया गया है। कृष्णा पूनियां को विशेषाधिकार समिति में, दीपचंद को याचिका समिति में, रमीला खडिया को अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति में, जोगिन्दर सिंह अवाना को पिछड़े वर्ग के कल्याण सम्बन्धी समिति में, छगन सिंह को सरकारी आश्वसनों संबंधी समिति से हटाकर याचिका समिति में लाया गया है। वहीं, मेवाराम जैन-महादेव सिंह-जगदीश चन्द्र का जनलेखा समिति में मनोनयन किया गया है। राजेन्द्र विधुरी-सुरेन्द्र सिंह चन्द्रभान सिंह आक्या को  प्राक्कन समिति ‘क’ और ज्ञानचंद पारख-लाखन सिंह को प्राक्कलन समिति ‘ख’ में सदस्य मनोनीत किया गया है।

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