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बीकानेर में कोरोना को लेकर सिस्‍टम मुस्‍तैद, स्क्रीनिंग के लिए 3 स्थानों पर 24 घंटे सुविधा  

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बीकानेर abhayindia.com जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट कुमार पाल गौतम ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध कोे होम आइसोलेशन के लिए सभी उपखंड स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। साथ ही बाहर से आने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय के तीन स्थानों पर स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है।

जिला कलक्टर गौतम ने बताया कि संदिग्ध मरीज अगर बीकानेर में कहीं बाहर से आता है तो उसकी स्क्रीनिंग करने के लिए तीन स्थानों पर 24 घंटे सुविधा उपलब्ध करवाई गई है ताकि आने वाले व्यक्ति को इस स्क्रीनिंग के लिए किसी तरह की परेशानी ना हो। इस बात को ध्यान में रखते हुए पीबीएम अस्पताल के पास माहेश्वरी धर्मशाला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय और राजकीय जिला चिकित्सालय (सेटेलाईट) में स्क्रीनिंग की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध करवाई गई है तीनों स्थानों पर चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाएगा।

उन्‍होंने बताया कि आम आदमी को जरूरत के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क सहित हैंड सेनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उत्पाद अधिक मूल्य में न बिके, कालाबाजारी ना हो इसके लिए भी पृथक से आदेश जारी कर सभी दुकानदारों को पाबंद किया गया है तथा इसकी निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है।

गौतम ने बताया कि जिले के सभी उपखंड अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में राज्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है ताकि अगर कोई देसी विदेशी पर्यटक उनके क्षेत्र में आता है और संभावित कोरोना रोगी होता है तो उसे होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। वह व्यक्ति अपने घर में ही रहे इसकी निगरानी के लिए वन-टू-वन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो कि उन्हें समय-समय पर घर में रहने की पुष्टि करते रहेंगे। अगर कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलता है, जो संदिग्ध मरीज है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत कार्यवाही की जाएगी। ऐसी जानकारी संदिग्ध मरीज को होम आइसोलेशन करने से पूर्व ही लिखित में बता दी जाएगी।

कालाबाजारी करने पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला कलक्टर ने कहा कि संकट के इस दौर में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जहां कहीं भी कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, वहां संबंधित विक्रेता पर कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मास्क तथा सैनिटाइजर की कीमत निर्धारित करते हुए तय कीमत से अधिक दर पर बिक्री करने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार 2 प्लाई सर्जिकल मास्क की अधिकतम कीमत आठ रुपए तथा 3 प्लाई सर्जिकल मास्क की अधिकतम कीमत दस रुपए निर्धारित की गई है। गौतम ने बताया कि हैंड सेनीटाइजर की 200 एमएल की बोतल की अधिकतम कीमत 100 रुपए निर्धारित की गई है। यह आदेश 30 जून तक लागू रहेगा। जिला कलक्टर ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में यह निर्देश दिए गए हैं।

देसी विदेशी पर्यटकों की संपूर्ण सूचना रखें

जिला कलक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों से कहा है कि उनके क्षेत्र में  देश अथवा विदेश से आए हुए प्रत्येक नागरिक की संपूर्ण सूचना अपने पास रखी जाए जो गत 15 दिन में उनके उपखंड क्षेत्र अथवा तहसील में आकर रहने लगा है। ऐसे व्यक्ति का नाम, पिता का नाम और पता मोबाइल नंबर आदि तथा वह विदेश से कहां से आया है अथवा देश के कौन से प्रदेश और जिले से आया है इसकी संपूर्ण जानकारी एकत्रित कर कंट्रोल रूम में रखी जाए। ताकि अगर वह किसी के संपर्क में आया है या उस व्यक्ति के बारे में सूचना मांगे तो तत्काल जिला स्तर व प्रदेश स्तर पर प्रेषित की जा सके।

मास्क की नहीं होगी कमी

जिला कलेक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड 19 के संक्रमण से बचने के लिए प्लाई सर्जिकल मास्क का उपयोग किया जा रहा है अगर मास्क की कमी आती है तो उसकी आपूर्ति करने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर ही प्लाई सर्जिकल मास्क बनाकर विपणन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से बातचीत कर ली गई है। साथ ही जिला उद्योग केंद्र के द्वारा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से संपर्क स्थापित कर जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्ध करवाने के प्रबंध कर लिए गए हैं।

स्थानीय गैर सरकारी संगठन ने बनाए मास्क

गौतम ने बताया कि वायरस संक्रमण से सुरक्षा मानकों के मध्य नजर बज्जू स्थित स्वयंसेवी संगठन उरमूल सीमांत द्वारा नवाचार के तौर पर कपड़े के मास्क निर्मित किए गए हैं। व्यस्क के लिए  मास्क की कीमत 15 रुपए तथा बच्‍चों के लिए 10 रुपए की कीमत के यह मास्क बाजार में उपलब्ध है। लोग अपनी सुरक्षा के मद्देनजर कपड़े के बने मास्क का प्रयोग भी कर सकते हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी व उपखण्ड अधिकारी बज्जू अभिषेक सुराणा द्वारा संस्था से बातचीत कर इस कार्य को और बेहतर बना रहे हैं तथा ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों को मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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