बीकानेर abhayindia.com आने वाले दिनों में ट्रेनों के संचालन की कमान भी निजी हाथों में होगी। सरकार निजीकरण को बढ़ावा देने की ओर कदम बढ़ा रही है। इसके लिए निजी कंपनियों को मौका दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर रेलवे के संगठनों मे निजीकरण को लेकर रोष है।
बताया जा रहा है कि देश में सौ से अधिक रुटों पर निजी कंपनियां ट्रेनों का संचालन करेगी। इसकी तैयारी चल रही है, सरकार मंशा ट्रेनों का संचालन निजी हाथों में देने की है। रेलवे के सूत्रों की माने तो इस योजना में ३० करोड़ से अधिक रुपए लगाने की संभावना बताई जा रही है। पैसेंजर(सवारी गाड़ी) ट्रेनों के संचालन को लेकर पहली बार भारतीय रेलवे ने निजी निवेश को हरी झंडी दी है।
संगठन है खफा
रेलवे के कर्मचारी संगठन ट्रेनों का संचालन निजी हाथो में देने की सरकार की मंशा के खिलाफ है। ऑल इंडिया रेलवे फैडेरशन की इकाई नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने ट्रेनों को संचालन निजी हाथों में दिए जाने की कवायद के बीच में रोष प्रकट किया है। नार्थ वेस्टर्न रेलवे एमलाइज यूनियन के मंडल मंत्री अनिल व्यास ने सरकार की इस मंशा को अनुचित करार दिया है। उन्होंने संगठन के तत्वावधान में देशव्यापी विरोध करने का आह्वान किया है।