





जयपुर Abhayindia.com सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलना चाहिए। आगामी 10 अप्रेल से शुरू होने जा रही सरसों एवं चना की खरीद के लिए समय रहते सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चत कर ली जाए। यदि खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी सामने आती है या किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित उप रजिस्ट्रार एवं मैनेजर की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
सहकारिता मंत्री गुरुवार को अपेक्स बैंक सभागार में विभागीय अधिकारियों की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में समर्थन मूल्य पर खरीद की तैयारियों के साथ ही विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। दक ने कहा कि सरसों-चना खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 अप्रेल से शुरू हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन की संख्या के अनुरूप यदि अतिरिक्त खरीद केन्द्र खोलने हों तो इसकी तैयारी पहले से ही कर ली जाए। एक से डेढ़ सप्ताह के बारदाने की व्यवस्था अग्रिम रूप से रखी जाए। साथ ही, खरीदी गई जिंस गोदाम में सुरक्षित रूप से जमा हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।
दक ने निर्देश दिए कि टोल फ्री नम्बर पर किसानों की समस्याएं सुनकर उनका शीघ्र निस्तारण करवाया जाए। बारिश की स्थिति में किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल का बंदोबस्त किया जाए। जिन कार्मिकों के पास लम्बे समय से एक ही खरीद केन्द्र का प्रभार है, उनका सेंटर बदला जाए। साथ ही, खरीद प्रक्रिया के सम्बन्ध में एक गाइडलाइन भी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में एक-एक विजिलेंस टीम का गठन किया है जो खरीद केन्द्रों पर जाकर निरीक्षण करेगी।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंक अल्पकालीन फसली ऋण वितरण के साथ ही नए डिपोजिट्स बढ़ाने तथा अन्य प्रकार के ऋण वितरण पर भी फोकस करे ताकि उनकी आय में वृद्धि में हो। साथ ही, लोगों को बेहतर सर्विसेज उपलब्ध करवाएं, जिससे लोगों का सहकारी बैंकों के प्रति विश्वास बढ़े। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से गोपालक परिवारों की आय बढ़ाने पर फोकस किया जाए। अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें कि जिस कार्य के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है, वह उसी कार्य में उपयोग हो।
दक ने निर्देश दिए कि सभी सहकारी समितियों की समयबद्ध रूप से ऑडिट करवाया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, ऑडिट की जांच कर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों पर भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों की आमसभा समय पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आमसभा केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें लोगों के सुझाव प्राप्त करने एवं नवाचारों की जानकारी देने पर फोकस किया जाए। सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि जो गृह निर्माण सहकारी समितियां ऑडिट नहीं करवा रही हैं, उन्हें नोटिस दिया जाए और बार-बार अवहेलना करने पर अवसायन की कार्यवाही शुरू की जाए।
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिले, यह सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरे किए जाएं। कार्यालयों में योजनाओं के पर्याप्त प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को योजनाओं की जानकारी मिले। सहकारी समितियों द्वारा नवीन गतिविधियां शुरू करने से संबंधित संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि नवीन गोदामों के लिए अच्छी लोकेशन पर जमीन उपलब्धता के लिए प्रयास किए जाएं।
बैठक में पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में जीएसएस के गठन, कृषि एवं अकृषि ऋण योजना, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, पैक्स की लाभ-हानि की स्थिति, अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत लम्बित प्रकरणों की स्थिति, भूमि विकास बैंक द्वारा ऋण वितरण एवं वसूली, उपभोक्ता भंडार व्यवसाय एवं सहकार से समृद्धि अभियान के अंतर्गत हो रहे कार्यों आदि पर भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक टीकमचन्द बोहरा, संयुक्त शासन सचिव सहकारिता दिनेश कुमार जांगिड़, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक संजय पाठक और अतिरिक्त रजिस्ट्रार (जयपुर खण्ड) मदनलाल गुर्जर सहित संबंधित जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे।





