Saturday, April 25, 2026
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एक लाख बेरोजगारों की उम्‍मीद बनी रिफाइनरी को लेकर सीएम गहलोत एक्टिव मोड पर…

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जयपुर abhayindia.com मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश की महत्‍वाकांक्षी परियोजना रिफाइनरी को लेकर एक्टिव मोड पर आ गए है। इस परियोजना को अक्टूबर, 2022 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके निर्माण से करीब 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से तथा करीब 60 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इसे देखते हुए सीएम गहलोत ने इसकी प्रगति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करते हुए मिसाल कायम करें।

गहलोत ने इसे एक मॉडल रिफाइनरी के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी आशा है। इसलिए पचपदरा एवं जोधपुर में उच्चस्तरीय कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जाए तथा रिफाइनरी क्षेत्र में एक आईटीआई भी स्थापित की जाए, जहां युवाओं को पेट्रो-केमिकल एवं इससे जुड़े उत्पादों के निर्माण से संबंधित मागदर्शन और प्रशिक्षण मिल सके।

बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी के आसपास पेट्रो-केमिकल उत्पादों की खपत के लिए इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर भी विकसित किया जाए। इससे रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी में बड़ी संख्या में लोग काम करेंगे। इनके लिए सुविधाजनक टाउनशिप विकसित करने के साथ ही सभी सुविधाओं से युक्त अस्पताल एवं स्कूल की स्थापना भी की जाए। इसके साथ ही रिफाइनरी के कार्यों के दौरान स्थानीय निवासियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी के कारण जोधपुर-बाड़मेर के बीच भारी यातायात बढ़ेगा। इसे देखते हुए इस राष्ट्रीय राजमार्ग को 6 लेन का बनाने के साथ ही वे-साइड फेसिलिटी जैसे पार्किंग, होटल, रेस्टोरेंट और वाहन चालकों के लिए विश्राम एवं भोजन आदि की सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने कहा कि बालोतरा से पचपदरा तक रेल सुविधा विकसित करने के भी प्रयास किए जाएं।

बैठक में एचपीसीएल के सीएमडी एम. के. सुराणा ने रिफाइनरी की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना को अक्टूबर, 2022 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके निर्माण से करीब 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से एवं करीब 60 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों के लिए अब तक करीब 10 हजार करोड़ रूपये के टेंडर जारी हो चुके हैं और 1 हजार 348 करोड़ रूपये खर्च भी किए जा चुके हैं।

बैठक में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया, मुख्य सचिव डी. बी. गुप्ता, मुख्यमंत्री के सलाहकार गोविन्द शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम सुदर्शन सेठी, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव राजस्व संजय मल्होत्रा, रीको के प्रबन्ध निदेशक गौरव गोयल एवं जोधपुर, बाड़मेर एवं जैसलमेर के जिला कलक्टर सहित अन्य उच्‍चाधिकारी तथा एचपीसीएल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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