Tuesday, May 26, 2026
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अखंड सुहाग के लिए रखा उपवास, तीज माता की कथा सुनी, सत्तू का किया सेवन…

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बीकानेर Abhayindia.com अखंड सुहाग की कामना को लेकर गुरुवार को महिलाओं और बालिकाओं ने बड़ी तीज(कजली) माता का उपवास रखा। कजली तीज का पर्व परम्परागत रूप से मनाया।

दिनभर अन्न ग्रहण नहीं किया। रात को चंद्र दर्शन और पूजन के बाद उपवास का पारना किया। इसमें पहले सत्तू का सेवन किया। इसके बाद फल व मिठाई का सेवन किया। इस दौरान तीज माता की कथा सुनी। तीज माता का पूजन किया।

चांद छुपा बादल में…

सामान्य दिनों की बजाय गुरुवार को तीज का चांद बादलों की ओट में छुप गया। लंबे इंतजार के बाद रात करीब 11 बजे चांद बादालों की ओट से बाहर तो आया लेकिन कुछ ही देर में वापस बादलों में छुप गया। चांद की यह आंख मिचौली कई देर तक चलती रही, इस बीच एकबार दर्शन होने पर महिलाओं ने पानी से अघ्र्य देकर अपना व्रत का पारना किया।

महिलाओं के साथ ही छोटी-छोटी बालिकाओं में भी तीज पर्व को लेकर उत्साह रहा। सुबह के समय व्रत रखने वाली बालिकाओं ने घरों में ही झूला झूला। कोरोना संक्रम के चलते पार्कों की बजाय महिलाओं ने घरों में ही झूले लगाए।

दिनभर रही रौनक..

तीज पर्व को लेकर घर-घर में रौनक रही। विवाहिता महिलाओं ने अपनी बेहिन-बेटियों के यहां आचरी (मिठाई व शृंगार सामग्री) भेजने की रस्म निभाई। शाम ढलते ही महिलाएं सजने-संवरने में जुट गई। हाथों में मेहंदी रचाई। शृंगार किया। शाम गहराने के बाद तीज माता की कथा, पूजा अर्चना कर अखंड सुहाग और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

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