









बीकानेर abhayindia.com आजादी का अमृत महोत्सव ‘शांति मार्च’ के साथ शुक्रवार को शुरू हुआ। अतिथियों ने गांधी पार्क में महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर आजादी की जंग में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वालों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
अतिथियो ने शांति मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली यहां से रवाना होकर सूरसागर पहुंची। स्कूली बच्चों ने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु और कस्तूरबा गांधी का रूप धरा तो एनसीसी, राजस्थान राज्य स्काउट एंड गाइड के प्रतिनिधि तथा खिलाडिय़ों सहित जनप्रतिनिधियों ने भागीदारी निभाई।
जिला प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान् में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत हुए पहले कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों में उत्साह का माहौल था। इस अवसर पर जिला प्रमुख मोडाराम ने कहा कि यह शांति मार्च आजादी के संघर्ष से जुड़ेे लोगों को श्रद्वासुमन अर्पित करने का जरिया है। आज का दिन हमें उन कुर्बानियों की याद दिलाता है।
महापौर सुशीला कंवर ने कहा कि लाखों देशभक्तों की कुर्बानी से हमें आजाद हवा में सांस लेने का मौका मिला है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दांडी मार्च के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन से देश के आम आदमी को जोड़ते हुए यह साबित किया कि अहिंसा में कितनी बड़ी ताकत है। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि हजारों देशभक्तों ने अपने प्राणों की कुर्बानी देकर देश को आजादी दिलाई। सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करते हुए राष्ट्रपिता ने दांडी मार्च के माध्यम से अंग्रेजों के बनाए कानून तोड़े और जनता को अहिंसा अपनाते हुए सांकेतिक रूप से अंग्रेजी हुकुमत से लडऩे के लिए प्रेरित किया।
गांधी दर्शन समिति के जिला संयोजक संजय आचार्य ने संविधान की प्रस्तावना का किया।
समन्वयक राजेन्द्र जोशी थे।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत झंवरलाल हर्ष की पत्नी लक्ष्मीदेवी, रामनारायण शर्मा एवं नानक सिंह के पुत्र देवेन्द्र सिंह मौजूद रहे। समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन बलदेवराम धोजक, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर अरुणप्रकाश शर्मा, निगम आयुक्त ए एच गौरी, प्रशिक्षु आईएएस कनिष्क कटारिया, राजकुमार किराडू, सुनीता गौड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। एडीएम सिटी अरुण कुमार शर्मा ने आभार जताया।



