







जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में प्रशासन शहरों के संग अभियान में इस बार जनभागीदारी बढ़ नहीं पाई है। खासतौर से लोगों की पट्टा लेने की हसरत पूरी नहीं हो रही। बिना जोनल डवलपमेंट प्लान के पट्टा जारी करने पर हाई कोर्ट की रोक के कारण प्रदेश के ज्यादातर निकायों में पट्टा देने का काम न के बराबर चल रहा है। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस माह के दूसरे पखवाड़े में जोनल डवलपमेंट प्लान बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। संभवत: 15 नवम्बर तक सभी शहरों में इन्हें नोटिफाई कर दिया जाएगा। इसके बाद पट्टे देने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश की बाध्यता खत्म हो जाएगी।
ऐसे बनता है जोनल डवलपमेंट प्लान
जोनल डवलपमेंट प्लान बनाने के लिए शहर को 5 से 6 जोन में बांटा जाता है। इसके साथ ही प्रत्येक जोन की डवपलमेंट योजना बनाई जाती है। इसमें आवास के अलावा सार्वजनिक भवन, सड़क, जन सुविधा केन्द्र, पार्क, व्यवसाय, मनोरंजन केन्द्र तथा स्कूल आदि के लिए जगह चिन्हित करते हैं। इसके अलावा बिजली, पानी, अंदरुनी सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी प्लानिंग भी इसी का हिस्सा है।
आपको बता दें कि जोनल प्लान बनने के बाद प्रशासन शहरों के संग अभियान में जनभागीदारी बढ सकती है। यह अभियान दो अक्टूबर को शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक इसे लेकर केवल खानापूर्ति ही हुई है।
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