Friday, May 15, 2026
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शंकर सिंह राजपुरोहित को मिला ‘भंवरलाल सबळावत व्यंग्य पुरस्कार’

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थानी साहित्य की व्यंग्य विधा के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘भंवरलाल सबळावत व्यंग्य पुरस्कार’ इस वर्ष बीकानेर के राजस्थानी व्यंग्यकार शंकरसिंह राजपुरोहित को दिया गया है। नागौर के डेह प्रकाशन की ओर से राजस्थानी साहित्य की विभिन्न विधाओं में दिए जाने वाले पुरस्कारों के तहत व्यंग्य विधा के पुरस्कार के लिए शंकरसिंह राजपुरोहित के राजस्थानी व्यंग्य-संग्रह ‘म्रित्यु रासौ’ को चुना गया था। रविवार को आयोजित हुए समारोह में राजपुरोहित को उक्त पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

आपको बता दें कि राजपुरोहित का राजस्थानी व्यंग्य ‘म्रित्यु रासौ’ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान ने अपने नए पाठ्यक्रम के तहत सीनियर हायर सैकंडरी की राजस्थानी विषय की पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य सुजस’ में भी शामिल किया है। इससे पहले राजपुरोहित के प्रथम राजस्थानी व्यंग्य संग्रह ‘सुण अरजुण’ को राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने ‘सांवर दइया पैली पोथी पुरस्कार’ प्रदान किया था।

व्यंग्यकार के साथ राजपुरोहित राजस्थानी अनुवादक के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। मैथिली कथा-संग्रह ‘गणनायक’ के अनुवाद के लिए उन्हें साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ने अपने राजस्थानी अनुवाद पुरस्कार से नवाजा। इसके अलावा उनके प्रख्यात साहित्यकार कमलेश्वर के चर्चित उपन्यास ‘कितने पाकिस्तान’ तथा गांधीवादी चिंतक पास्कल एलन नाज़रेथ की पुस्तक ‘गांधीज आउटस्टैंडिंग लीडरशिप’ का ‘महात्मा गांधी री बेजोड़ आगीवाणी’ शीर्षक से राजस्थानी अनुवाद प्रकाशित हैं।

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