







बीकानेर Abhayindia.com आखिर इंतजार खत्म हुआ। बीकानेर नगर निगम में महापौर की कुर्सी के लिए मतदान सुबह 10 बजे शुरू हो गया है। कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय पार्षदों के नगर निगम पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। थोड़ी देर में साफ हो जाएगा कि बीकानेर की कमान किसके हाथ में होगी।
80 का गणित, 41 का जादुई आंकड़ा
कुल 80 पार्षद इस चुनाव में वोट डालेंगे। मेयर बनने के लिए 41 वोटों का जादुई आंकड़ा चाहिए।
कांग्रेस : 42 पार्षद – स्पष्ट बहुमत
भाजपा : 27 पार्षद
अन्य (निर्दलीय) : 11 पार्षद
कागज पर कांग्रेस बहुमत में है, लेकिन असली खेल निर्दलीय और क्रॉस वोटिंग का है।
दो चेहरे आमने-सामने
कांग्रेस से अनिल कल्ला (पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे) और भाजपा से डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला है।
कांग्रेस का 'ऑल इज वेल' बनाम भाजपा का '51 प्लस'
कुछ समय पहले कांग्रेस खेमे में खींचतान की खबरें आई थीं, लेकिन मतदान से ठीक पहले कांग्रेस ने जैसलमेर बाड़ेबंदी से एकजुटता की नई तस्वीरें जारी कर ‘ऑल इज वेल’ का संदेश दिया है। सभी 42 पार्षद एक साथ नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा 11 में से 8 निर्दलीयों के समर्थन के साथ फोटो जारी कर अपनी ताकत दिखा रही है और 51 प्लस का दावा कर रही है। भाजपा को भरोसा है कि कांग्रेस के कई पार्षद ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर क्रॉस वोटिंग करेंगे।
नोटिस पॉलिटिक्स से लेकर मतदान तक
बीते 48 घंटों में BDA और थानों के नोटिस, PCC चीफ डोटासरा के हमले और राजेंद्र राठौड़ जैसे चाणक्य की एंट्री ने इस चुनाव को हाई-वोल्टेज बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस अपने 42 को बचा पाती है या भाजपा सेंधमारी करने में कामयाब हो पाती है। मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी और फिर तय होगा कि बीकानेर के नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बैठेगा या भाजपा ‘ऑपरेशन बोर्ड’ में सफल होगी।







