








जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा रीको इंडस्ट्रियल एरिया, चितरोली (बगरू) स्थित फार्मा बायोलॉजिकल फर्म पर निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि टीम को निरीक्षण के दौरान विभिन्न उत्पादों की लेबलिंग एवं गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताएं मिलीं। कुछ उत्पादों पर लाइसेंस नंबर के स्थान पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित पाया गया, जो नियमानुसार त्रुटिपूर्ण है। इसके अतिरिक्त कुछ फूड सप्लीमेंट्स के लेबल पर मार्केटिंग फर्म का खाद्य लाइसेंस अंकित नहीं पाया गया, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशंस का उल्लंघन है।
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि निरीक्षण में पाया गया कि निर्माता द्वारा निर्धारित अवधि में उत्पादों की अनिवार्य लैब जांच नहीं कराई गई थी। साथ ही कुछ कच्चे माल के आयात एवं उपयोग में भी नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मैसर्स फार्मा बायोलॉजिकल द्वारा अन्य फर्मों के लिए जॉब वर्क किया जा रहा था। मल्टी विटामिन B कॉम्प्लेक्स सिरप, मेलाटोनिन टैबलेट एवं आई फिस्ट टैबलेट के लेबल पर मार्केटिंग फर्म द्वारा FSSAI लाइसेंस नंबर के स्थान पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित किया गया था। ग्लूकोज प्लस विटामिन B एवं D2, रेनाडिस्ट फूड सप्लीमेंट एवं प्री बायोटिक कैप्सूल के लेबल पर मार्केटिंग फर्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र अंकित नहीं था, जो लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस रेगुलेशन्स, 2011 का उल्लंघन है।
निर्माता द्वारा अपने उत्पादों की प्रत्येक 6 माह में FSSAI द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला से जांच नहीं कराई गई। विटामिन B एवं सुक्रालोज चीन का निर्मित है, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (इम्पोर्ट) रेगुलेशन, 2017 के अनुसार फूड इम्पोर्टर के जरिए क्रय किया जाना चाहिए। लगभग 1050 किलोग्राम अवधिपार आयोडाइज्ड नमक एवं 1-1 लीटर के तीन लीची फ्लेवर को मौके पर नष्ट कराया गया। मौके से FSS Act, 2006 के तहत 04 नमूने लिए गए। फूड सप्लीमेंट “लिवर डिटॉक्स Auric” ब्रांड का नमूना लिया गया, जिस पर लिवर डिटॉक्स का दावा किया गया है, जो मिसलीडिंग की श्रेणी में आता है।
फूड सप्लीमेंट “ग्लूकोज प्लस विटामिन D” का नमूना लिया गया। फूड सप्लीमेंट “प्लेट-एम सिरप” का नमूना लिया गया, जिस पर Anemia, Weakness and Deficiency of Blood Platelets का दावा किया गया है, जो मिसलीडिंग की श्रेणी में आता है। इसके अतिरिक्त काला नमक “श्री श्याम” ब्रांड का नमूना लिया गया, जिनकी खाद्य प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा संबंधित इकाई को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की धारा 32 के तहत सुधारात्मक नोटिस जारी किया गया है।


