Friday, April 24, 2026
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एससी-एसटी एक्ट के मामलों में उपस्थित नहीं हो रहे गवाह, कलेक्‍टर ने कहा- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराएं एविडेंस

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बीकानेर Abhayindia.com अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अंतर्गत मासिक बैठक का आयोजन बुधवार को जिला कलेक्टर निशांत जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की संख्या काफी अधिक है। इनका शीघ्र निस्तारण करवाएं। एफएसएल रिपोर्ट भी समय पर पेश करें ताकि पीड़ित को सही समय पर न्याय मिल सके और प्रकरण का निस्तारण भी सही ढंग से हो सके। विशिष्ट लोक अभियोजक किशनलाल भादू ने बताया कि सरकारी गवाह के उपस्थित नहीं होने से पत्रावली लंबित रहती है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि एससी एसटी एक्ट के मामलों में अधिकतर केेसेज में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही एविडेंस कराएं ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। साथ ही एसपी ने ई-प्रॉसीक्यूशन को बढ़ावा देने के लिए कहा। विशिष्ट लोक अभियोजक भादू ने बताया कि प्रकरणों में अनुसंधान अधिकारी जब्तशुदा वजह सबूत लेकर उपस्थित नहीं होते। लिहाजा वजह सबूत के अभाव में भी साक्ष्य करवाने में असमर्थता रहती है।

इससे पूर्व विशिष्ठ लोक अभियोजक किशनलाल भादू ने बताया कि माह मार्च 2026 में एससी-एसटी एक्ट के तहत कुल 13 फैसले हुए। अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण एक्ट अंतर्गत लंबित प्रकरणों की संख्या 770 हैं। इसके अलावा बहस चार्ज में 301, अभियोजन साक्ष्य में 280 और बहस अंतिम में 54 केस हैं। बहस अंतिम में जितने केस लंबित हैं उनमें से अधिकतर मामले में एफएसएल रिपोर्ट के अभाव में लंबित है। बैठक में एडीएम सिटी रमेश देव, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार, उपनिदेशक अभियोजन भगवान सिंह राठौड़, सीओ एससी एसटी सुखदेव सिंह, सीओ संजीव चौहान समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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