Friday, April 24, 2026
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राजस्‍थान में एलपीजी की पैनिक बुकिंग में आई कमी, 14 लाख उपभोक्ताओं की डिलीवरी का बैकलॉग अब भी बाकी

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जयपुर Abhayindia.com अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच एलपीजी संकट गहराने लगा है। राजस्थान में गैस कंपनियों ने नए घरेलू कनेशन फिलहाल बंद कर दिए हैं। हालांकि, कोई रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक या अन्य कोई कॉमर्शियल सिलेंडर का कनेशन लेना चाहता है तो उसे नया कनेशन मिल जाएगा। राजस्थान की प्रमुख तेल कंपनियों के स्टेट कॉर्डिनेटर की मानें तो राज्य में 14 लाख उपभोक्ताओं को सिलेंडर आने का इंतजार है, जिसे धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है। अब भी 5 दिन का बैकलॉक चल रहा है।

आईओसीएल के एग्जियूटिव डायरेटर और कॉर्डिनेटर मनोज गुप्ता के अनुसार, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है, लेकिन एलपीजी की शॉर्टेज है। हम घरेलू उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सप्लाई दे रहे हैं। मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में जो पैनिक बुकिंग आई, उससे घरेलू सिलेंडर सप्लाई की स्थितियां बिगड़ी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में मार्च में आई अचानक अप्रत्याशित बुकिंग को डिलीवर करने में समय लग रहा है। अब भी 14 लाख उपभोक्ताओं की डिलीवरी का बैकलॉग बाकी है।

उन्‍होंने बताया कि वर्तमान में हर रोज 2.80 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की बुकिंग आ रही है। उतनी ही सप्लाई हर रोज तीनों कंपनियां कर रही है। अब पैनिक बुकिंग भी कम हो गई है। आने वाले कुछ समय में 100 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होगी। सप्लाई का वेरिफिकेशन भी होगा। अभी ये आंकड़ा 95 से 96 फीसदी है। कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अब भी औसत बिक्री की 70 फीसदी ही की जा रही है। वह भी अलग-अलग सेंटर को निर्धारित की गई मात्रा के अनुरूप। अगर कोई रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक या अन्य कोई कॉमर्शियल सिलेंडर का कनेक्‍शन लेना चाहता है तो उसे नया कनेक्‍शन मिल जाएगा। लेकिन, घरेलू नए कनेशन फिलहाल बंद कर दिए हैं।

उन्‍होंने बताया कि ऑटो में डलने वाली एलपीजी की मांग में मार्च के महीने में ही 363 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बढ़ती मांग को देखते हुए हमने सभी पंपों पर 24 घंटे और सातों दिन सप्लाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल मार्च 2025 में ऑटो एलपीजी की कुल बिक्री 131 मीट्रिक टन थी, लेकिन इस साल मार्च 2026 में अचानक ये मांग 607 मीट्रिक टन के पार चली गई। पहले इतनी मांग नहीं थी, लेकिन अचानक अब मांग बढऩे का मतलब आप समझ सकते हैं कि पहले कहां से आपूर्ति होती थीी।

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