








बीकानेर Abhayindia.com हीमोफीलिया सोसायटी, बीकानेर चैप्टर की ओर से बुधवार को समता नगर में शगुन पैलेस परिसर में हीमोफीलिक सदस्यों एवं हीमोफीलिक परिवारों के लिए हीमोफिलिया जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हीमोफीलिया रोग, उसके उपचार तथा केन्द्र व राज्य सरकार तथा सोसायटी की ओर से रोगियों को प्रदत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। उनकी रोग से संबंधित जिज्ञासाओं को संवाद के माध्यम से दूर किया गया।
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर से सम्बद्ध पी.बी.एम. अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जी. एस. तंवर ने कहा कि हीमोफीलिया रक्त का थक्का नहीं जमने का अनुवांशिक रोग है। इस बीमारी में रक्त में थक्का जमाने वाले एक विशेष घटक की कमी हो जाती है। हिमोफीलिया रोगी प्रायः आंतरिक रक्तस्त्राव होता है जो दिखाई नहीं देता और घातक हो सकता है। हिमोफीलिया के रोगी को चककर आना शरीर पीला पड़ना, घबराहट, दिल की धड़कन और सांस की गति में तेजी आन, मल-मूत्र में खून आना, पेट दर्द, खून की कमी, दर्द, जोड़ों में सूजन, दर्द एवं विकृति होना, भूख नहीं लगना, लकवा, गैंगरीन, बुखार, बेहोशी आना आदि लक्षण होते हैं। हिमोफीलिया रोगी में बाह्य रक्तस्त्राव भी होता है जो दांत निकलवाने के दौरान, दुर्घटना इत्यादि के समय होता है।
डॉ. जी. एस. तंवर ने बताया कि केन्द्र एवं पी.बी.एम. अस्पताल बीकानेर सहित राज्य सरकार के साथ निजी चिकित्सालयों में भी हीमोफीलिया के चिकित्सा एवं परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया के रोगी नियमित चिकित्सक की सलाह से उपचार लें। गर्भस्थ शिशु की जांच, जेनेटिक काउंसलिंग, विवाह के समय कुंडली की बजाय नव विवाह करने वालों के रक्त की जांच करवाकर करवाकर इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। डॉ. तंवर ने हीमोफीलिक परिवारों को रोगी की चिकित्सा आहार, खान पान व दिनचर्या पर विशेष ध्यान देते हुए उसके प्रति सहानुभूति पूर्ण व्यवहार रखें।
हीमोफीलिया सोसायटी, बीकानेर चेप्टर के संरक्षक बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय सोसायटी ने नवाचार करते हुए रोगियों को नकद राशि एवं आपातकाल में विद्यार्थियों को घर पर टीका लगाने की सुविधा प्रदान की है। इस अवसर पर पूर्व उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश गुप्ता, पी.बी.एम. अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. गौरी शंकर जोशी, बायो मेडिकल इंजीनियर विक्रम पारीक ने भी विचार व्यक्त किए। सोसायटी के अध्यक्ष रवि व्यास, सचिव संतोष कुमार, चैप्टर के अन्य पदाधिकारी अर्पणा शर्मा, दिव्यांशु व सुशील ने सौभाग्यशाली योजना, रोगियों को मिलने वाले किट तथा चिकित्सा के बारे में बताया तथा उपचार से संबंधित जानकारी दी। शिविर में श्री गंगानगर, बीकानेर जिले के हीमोफीलिक सदस्यों एवं हिमोफिलिक परिवारों ने हिस्सा लिया।


