कांग्रेस से पहले ‘अपनों’ ने ही खोल दिया ‘सिस्टम’ के खिलाफ मोर्चा

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। शहर में निराश्रित गौवंश को लेकर कांग्रेस से पहले खुद भाजपा के पार्षदों ने ही सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने आगामी 17 जनवरी से इसी मुद्दे को लेकर प्रशासन और सरकार को घेरने की रणनीति बना रखी है। इधर, उससे पहले ही भाजपा पार्षद इस मुद्दे को लेकर मैदान में उतर गए हैं। बुधवार को भाजपा के दस पार्षद कलक्ट्रेट के समक्ष क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इनमें उपमहापौर अशोक आचार्य सहित भाजपा पार्षद भगवती प्रसाद गौड़, पंकज गहलोत, राजेन्द्र शर्मा, दिनेश उपाध्याय, प्रेमरतन जोशी, श्याम सुंदर चांडक, मोहम्मद ताहिर, पार्षद प्रतिनिधि शंभू गहलोत, मधुसूदन शर्मा शामिल हैं।

इससे पहले भगवती प्रसाद गौड़ और श्याम सुंदर चांडक ने चार दिनों तक अनशन किया था। तब लिखित आश्वासन पर उनका अनशन खत्म करवा दिया गया। इसके बावजूद निराश्रित गौवंश की समस्या के निदान के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई। इससे पार्षदों में रोष व्याप्त हो रहा था। बुधवार को यह रोष क्रमिक अनशन के रूप में एक बार फिर तब्दील हो गया। उधर, गौवंश के मुद्दे पर कांग्रेस और अपने ही पार्षदों की ओर से खोले गए विरोध के मोर्चे के चलते भाजपा का जिला नेतृत्व, महापौर और जिला प्रशासन सकते में हैं। सूत्रों की मानें तो इस मुद्दे को हालांकि महापौर नारायण चौपड़ा और कलक्टर अनिल गुप्ता पिछले कई दिनों से गंभीरता दिखा रहे हैं। निराश्रित गौवंश के लिए जमीन आवंटन का मसला चूंकि राज्य सरकार के पास विचाराधीन है, ऐसे में इस मामले में खुद सरकार की ओर से रूचि लिए जाने के बाद ही कोई स्थायी हल निकल सकेगा।
बहरहाल, भाजपा पार्षद भगवती प्रसाद गौड़ ने निराश्रित गौवंश की समस्या को लेकर प्रशासन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का हल नहीं निकलेगा, हम क्रमिक अनशन जारी रखेंगे। गौड़ ने साफतौर पर कहा कि अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते ही इस समस्या का समाधान नहीं निकल रहा है।